भिलाई नगर।भिलाई में विधायक के कथित एमएमएस प्रकरण को लेकर राजनीति तेज हो गई है। नगर निगम भिलाई के पूर्व सभापति और वरिष्ठ भाजपा नेता राजेंद्र अरोरा ने पत्रकार वार्ता कर विधायक देवेंद्र यादव पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अरोरा ने पूरे मामले को संदेहास्पद बताते हुए पुलिस से निष्पक्ष और शीघ्र जांच करने की मांग की है।
रविवार को भिलाई में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान राजेंद्र अरोरा ने कहा कि विधायक इस मामले में केवल भावनात्मक बयान देकर सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रहे हैं। यदि उन्हें वास्तव में जांच एजेंसियों पर भरोसा था, तो वे समय पर पुलिस के सामने पेश होकर बयान दर्ज कराते।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा लगातार आठ नोटिस दिए जाने के बावजूद विधायक का बयान के लिए उपस्थित न होना जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। साथ ही जिस कथित जांच रिपोर्ट के आधार पर एमएमएस को फर्जी बताया गया, उसकी प्रमाणिकता और एजेंसी को लेकर भी संदेह जताया।

अरोरा ने कहा कि यह वीडियो चुनाव से करीब तीन महीने पहले ही बाजार में घूम रही थी। उस समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और स्वयं देवेंद्र यादव विधायक थे, इसके बावजूद तब जांच क्यों नहीं कराई गई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि विधायक ने खुद स्वीकार किया है कि उन्होंने वीडियो देखी—तो यह वीडियो उन्हें किसने दिखाई और उन्हें इसकी जानकारी कैसे मिली।
भिलाई की जनता का जिक्र करते हुए अरोरा ने कहा कि शहर के लोग समझदार हैं और इस तरह की राजनीति को भली-भांति समझते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे घटनाक्रम में एक सोची-समझी रणनीति के तहत पहले कहानी गढ़ी गई, फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुद्दे को बड़ा बनाया गया।