FASTag का दायरा बढ़ाने की तैयारी, अब सिर्फ टोल नहीं बल्कि कई सेवाओं का बनेगा डिजिटल पास

नई दिल्ली। अब तक हाईवे पर टोल भुगतान तक सीमित FASTag जल्द ही एक ऑल-इन-वन डिजिटल पेमेंट सिस्टम के रूप में नजर आ सकता है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की नई पहल के तहत FASTag को मल्टीपर्पस डिजिटल वॉलेट में बदलने की दिशा में काम तेज कर दिया गया है, जिससे वाहन चालकों को एक ही प्लेटफॉर्म से कई सेवाओं का भुगतान करने की सुविधा मिलेगी।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, बीते छह महीनों से इस योजना का परीक्षण अलग-अलग स्थानों पर किया जा रहा था, जो सफल रहा है। इसके बाद अब इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी की जा रही है।

एक टैग, कई सुविधाएं

नई व्यवस्था लागू होने के बाद FASTag का इस्तेमाल केवल टोल प्लाजा तक सीमित नहीं रहेगा। वाहन चालक इससे पेट्रोल पंप, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन, पार्किंग शुल्क, फूड कोर्ट, वाहन सर्विस और शहरों में प्रवेश शुल्क जैसी सुविधाओं का भुगतान भी कर सकेंगे। इससे यात्रा के दौरान अलग-अलग पेमेंट ऐप या नकद लेन-देन की झंझट खत्म होगी।

डिजिटल धोखाधड़ी पर लगेगी लगाम

अधिकारियों का मानना है कि FASTag को सीमित बैलेंस वाले वॉलेट के रूप में उपयोग करने से साइबर फ्रॉड का जोखिम कम होगा। यदि किसी तरह की गड़बड़ी होती भी है, तो नुकसान सीमित रहेगा। साथ ही, एक ही माध्यम से भुगतान होने से लेन-देन अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनेगा।

रेलवे स्टेशन से होगी नई व्यवस्था की शुरुआत

इस नई प्रणाली की पहली झलक नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर देखने को मिलेगी। यहां पार्किंग शुल्क को FASTag से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इससे वाहन चालक स्टेशन परिसर में प्रवेश और निकास के दौरान बिना रुके भुगतान कर सकेंगे। अनुमान है कि बड़ी संख्या में वाहन केवल यात्रियों को छोड़ने या लेने आते हैं और इस सुविधा से ट्रैफिक जाम की समस्या भी कम होगी।

पार्किंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव

नई पॉलिसी के तहत पार्किंग और यातायात संचालन की जिम्मेदारी प्रशिक्षित एक्स-आर्मी कर्मियों को सौंपी जाएगी, जिन्हें पार्किंग मार्शल के रूप में तैनात किया जाएगा। इससे अनुशासन बेहतर होगा और यात्रियों को अनावश्यक विवाद या बदसलूकी से राहत मिलेगी। साथ ही, सुरक्षा मानकों को भी पहले से अधिक मजबूत किया जाएगा।

यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा

स्टेशन परिसर में यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए विशेष मार्ग विकसित किए जा रहे हैं। इन मार्गों से यात्री सीधे सुरक्षा जांच और स्कैनिंग क्षेत्र तक पहुंच सकेंगे। उतरने वाले यात्रियों के लिए टैक्सी, बस और मेट्रो तक जाने के लिए अलग लेन की व्यवस्था की जाएगी, जिससे भीड़भाड़ कम होगी।

सरकार का मानना है कि FASTag को मल्टीपर्पस प्लेटफॉर्म में बदलने से न सिर्फ यात्रा आसान होगी, बल्कि डिजिटल इंडिया की दिशा में यह एक बड़ा कदम साबित होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *