रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र इस बार चार दिनों के लिए तय किया गया है। 14 से 17 दिसंबर तक चलने वाला यह सत्र खास इसलिए भी है क्योंकि पहली बार इसकी कार्रवाई नवा रायपुर स्थित नए विधानसभा भवन में होगी। इस सत्र के लिए अब तक कुल 628 प्रश्न प्राप्त हुए हैं— जिनमें 604 ऑनलाइन माध्यम से और 24 प्रश्न ऑफलाइन प्रक्रिया के जरिए जमा हुए हैं।
विधायकों के सवालों की संख्या और विषयों को देखते हुए माना जा रहा है कि यह सत्र बेहद सक्रिय और चर्चाओं से भरपूर रहेगा। कानून व्यवस्था, धान खरीद, ग्रामीण सड़कों की स्थिति, राशन वितरण में अनियमितताएं और प्रशासनिक कार्यप्रणाली जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठ सकते हैं।
पहले दिन ‘छत्तीसगढ़ विज़न 2047’ पर होगी विस्तृत चर्चा
14 दिसंबर, रविवार को सत्र की शुरुआत प्रश्नकाल से नहीं होगी। इस दिन राज्य की दीर्घकालिक विकास रूपरेखा ‘छत्तीसगढ़ विज़न 2047’ पर विशेष चर्चा तय की गई है।
15 से 17 दिसंबर तक सामान्य कार्यवाही चलेगी, जिसमें प्रश्नकाल, विभिन्न विषयों पर विमर्श और विधायकों द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दे शामिल होंगे।
नोटिस जमा करने की प्रक्रिया— 9 दिसंबर से शुरू
ध्यानाकर्षण सूचनाएं, स्थगन प्रस्ताव और नियम 267(क) के अंतर्गत नोटिस 9 दिसंबर से लेकर बैठक के दिन सुबह 8 बजे तक नए विधानसभा भवन में प्राप्त किए जाएंगे।
नियमों के अनुसार—
- एक सदस्य प्रतिदिन 2 ध्यानाकर्षण और 1 स्थगन प्रस्ताव दे सकेगा।
- तीन कार्यदिवसों में कुल मिलाकर अधिकतम 6 ध्यानाकर्षण और 3 स्थगन प्रस्ताव अनुमत होंगे।
पुराने विधानसभा से सामग्री शिफ्टिंग तेज़—10 दिसंबर तक पूरा होगा कार्य
सत्र को नए भवन में स्थानांतरित किए जाने के चलते पुरानी विधानसभा से फाइलों, फर्नीचर और आवश्यक दस्तावेजों की शिफ्टिंग कार्य तेजी से जारी है। लक्ष्य है कि 10 दिसंबर तक सभी जरूरी सामग्री नए भवन के निर्धारित कक्षों में व्यवस्थित कर दी जाए।
सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे दस्तावेजों को सुरक्षित ढंग से नवा रायपुर स्थानांतरित करें, ताकि सत्र शुरू होने से पहले नए भवन में कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ हो सके।