राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुवार को अपने दो दिवसीय मणिपुर दौरे पर इंफाल पहुंचीं। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनका राज्य में पहला आगमन है। इंफाल के बीर टिकेंद्रजीत हवाई अड्डे पर राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। आगमन के तुरंत बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल, मुख्यमंत्री के सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, पुलिस महानिदेशक राजीव सिंह सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक एवं सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहे।
पीएम मोदी की यात्रा के तीन महीने बाद राष्ट्रपति का दौरा
राष्ट्रपति का यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 13 सितंबर को हुई यात्रा के लगभग तीन महीने बाद हो रहा है। उल्लेखनीय है कि मई 2023 में शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद पीएम पहली बार मणिपुर गए थे।
इम्फाल और सेनापति में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
राष्ट्रपति मुर्मु की यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इम्फाल के साथ-साथ सेनापति जिले—जहां मुख्य रूप से नागा समुदाय निवास करता है—में भी विशेष सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। विभिन्न विभागों और सुरक्षा एजेंसियों को मिलकर यात्रा को सुचारू बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कुकी-जो काउंसिल ने स्वागत किया, प्रतिबंधित संगठनों ने किया बंद का आह्वान
कुकी (जो) जनजाति की शीर्ष संस्था कुकी-जो काउंसिल ने राष्ट्रपति के आगमन का स्वागत किया है। वहीं दूसरी ओर, प्रतिबंधित संगठनों के गठबंधन ‘कॉर्डिनेशन कमेटी’ ने उनके दौरे के विरोध में बंद का ऐलान किया, जिससे इम्फाल घाटी में सामान्य गतिविधियाँ आंशिक रूप से प्रभावित रहीं।
दुनिया के सबसे पुराने पोलो ग्राउंड में राष्ट्रपति का दौरा
राष्ट्रपति मुर्मु ऐतिहासिक इम्फाल पोलो ग्राउंड (मापल कंगजेइबुंग) भी जाएंगी, जहाँ वे एक पोलो प्रदर्शनी मैच देखेंगी। यही मैदान पिछले महीने आयोजित 15वें मणिपुर अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट का भी केंद्र रहा था। इसे दुनिया के सबसे पुराने पोलो मैदानों में गिना जाता है।
शाम को सिविक रिसेप्शन और कई विकास परियोजनाओं को मंजूरी
शाम को नगर सम्मेलन केंद्र में राष्ट्रपति के सम्मान में सिविक रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा। इसी दौरान वे केंद्र सरकार की पूर्वोत्तर नीति के अनुरूप कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगी।
नुपी लन स्मारक में श्रद्धांजलि और सेनापति जिले में जनसभा
अगली सुबह राष्ट्रपति मुर्मु नुपी लन मेमोरियल कॉम्प्लेक्स पहुंचकर मणिपुर की वीरांगनाओं को नमन करेंगी। ‘नुपी लन’ 1904 और 1939 में ब्रिटिश शासन के खिलाफ महिलाओं के दो बड़े आंदोलनों की स्मृति को चिह्नित करता है। इसके बाद वे नागा-बहुल सेनापति जिले जाएंगी, जहाँ एक जनसभा को संबोधित करेंगी और कई अन्य परियोजनाओं का लोकार्पण व भूमि पूजन करेंगी।
कांग्रेस ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की
इधर, विपक्षी कांग्रेस ने राष्ट्रपति से राज्य की 12वीं विधानसभा भंग कर छह माह के भीतर चुनाव कराने की मांग की है। कांग्रेस ने राज्यपाल के माध्यम से भेजे पत्र में कहा कि मणिपुर के लोग शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए राष्ट्रपति से निर्णायक कदमों की उम्मीद कर रहे हैं। पार्टी ने हिंसा प्रभावित विस्थापितों को सुरक्षित घर लौटाने, आवाजाही के सभी मार्ग खोलने और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई है।