कीमतों का बुलबुला फूटा: चांदी एक लाख तक गिरी, सोना 33 हजार सस्ता

Gold Price Crash : कीमती धातुओं के बाजार में जोरदार उथल-पुथल देखने को मिली है। सोना और चांदी दोनों ने अब तक की सबसे तेज गिरावट दर्ज कर निवेशकों को चौंका दिया। हालात ऐसे रहे कि महज एक कारोबारी सत्र में चांदी की कीमत एक लाख रुपये प्रति किलो से अधिक लुढ़क गई, वहीं सोना भी एक झटके में 33 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता हो गया। यह गिरावट केवल वायदा बाजार तक सीमित नहीं रही, बल्कि घरेलू सर्राफा बाजार में भी इसके तीखे असर दिखाई दिए।

जानकारों का मानना है कि लंबे समय से रिकॉर्ड ऊंचाई पर बने सोना-चांदी के दाम आखिरकार दबाव नहीं झेल पाए और मुनाफावसूली ने बाजार की दिशा पलट दी। विशेषज्ञ पहले ही चेतावनी दे रहे थे कि तेजी जरूरत से ज्यादा हो चुकी है और बड़ी करेक्शन कभी भी आ सकती है, जो अब हकीकत बनती नजर आ रही है।

चांदी में आई गिरावट ने बाजार को सबसे ज्यादा चौंकाया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गुरुवार को चांदी ने जबरदस्त उछाल के साथ नया इतिहास रचा था। यह पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंची और दिन के दौरान 4,20,000 रुपये से ऊपर का स्तर छू लिया। लेकिन यह तेजी ज्यादा देर टिक नहीं सकी। अगले ही दिन 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी का वायदा भाव बुरी तरह टूटकर करीब 2.92 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गया। इस तरह एक ही दिन में चांदी करीब 1.08 लाख रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई।

यदि रिकॉर्ड स्तर से तुलना करें तो चांदी अपने ऑल-टाइम हाई से एक दिन में ही लगभग 1.28 लाख रुपये प्रति किलो नीचे आ गई। इतनी बड़ी गिरावट ने यह साफ कर दिया कि बाजार में बना तेजी का बुलबुला फूट चुका है।

चांदी की इस तेज फिसलन का असर सोने पर भी साफ दिखा। MCX पर 24 कैरेट सोने के दाम में भी भारी दबाव देखने को मिला। 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला सोना, जो एक दिन पहले करीब 1.84 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, अगले सत्र में फिसलकर लगभग 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। यानी सोने की कीमत में एक ही दिन में करीब 33 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई।

सोने ने भी हाल ही में 1.93 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का ऐतिहासिक उच्च स्तर छुआ था। लेकिन इसके बाद आई तेज बिकवाली में यह अपने शिखर से करीब 42 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक नीचे आ गया।

विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय संकेतों में कमजोरी, डॉलर की मजबूती, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली और निवेशकों की सतर्कता इस भारी गिरावट की प्रमुख वजहें मानी जा रही हैं। आने वाले दिनों में कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव बना रहने की संभावना जताई जा रही है।

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