राजकोट। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मारवाड़ी विश्वविद्यालय में ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस: कच्छ एवं सौराष्ट्र’ और इससे जुड़ी पांच दिवसीय बिजनेस एग्जीबिशन का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी, मुख्य सचिव एमके दास और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
क्षेत्रीय सामर्थ्य और वैश्विक दृष्टि का संगम
प्रधानमंत्री ने इस सम्मेलन में क्षेत्रीय आकांक्षाओं को वैश्विक महत्वाकांक्षा के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन न केवल स्थानीय उद्योगों और नवाचार को बढ़ावा देगा, बल्कि गुजरात को वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री ने किया विशाल एग्जीबिशन का निरीक्षण
उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने 18,000 वर्ग मीटर में फैली प्रदर्शनी का अवलोकन किया। ‘एंटरप्राइज एक्सीलेंस पैवेलियन’ में उन्होंने हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, एस्सार, न्यारा एनर्जी और ज्योति सीएनसी जैसी कंपनियों द्वारा देश की औद्योगिक प्रगति में योगदान देखा और सराहा।
ब्लू इकोनॉमी पर विशेष ध्यान
‘ओशन ऑफ अपॉर्चुनिटीज’ पैवेलियन में प्रधानमंत्री ने कच्छ और सौराष्ट्र के समुद्री संसाधनों की संभावनाओं को देखा। गुजरात मैरीटाइम बोर्ड द्वारा प्रस्तुत ब्लू इकोनॉमी और रिलायंस न्यू एनर्जी की नई तकनीकों ने इसमें विशेष आकर्षण पैदा किया। इस पैवेलियन ने औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के संतुलन को दर्शाया।
MSME और ‘हर घर स्वदेशी’
स्थानीय कारीगरों और लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए MSME पैवेलियन में ‘हर घर स्वदेशी’ का संदेश पेश किया गया। प्रधानमंत्री ने ग्रामीण कारीगरों की हस्तकला, स्वदेशी उत्पादों और स्थानीय हाट का अवलोकन किया और बुक रिव्यू में अपने विचार भी दर्ज किए।
प्रदर्शनी 15 जनवरी तक खुली रहेगी
यह पांच दिवसीय प्रदर्शनी 15 जनवरी तक चलेगी और छात्रों, उद्यमियों और आम जनता के लिए ज्ञानवर्धक अनुभव का अवसर प्रदान करेगी। यह आयोजन ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य को नई दिशा और गति देने में अहम योगदान देगा।