बिहार | भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के निर्देशानुसार, बिहार के पहले चरण के चुनाव के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) ने 11 अक्टूबर, 2025 को प्रथम स्तर की जांच (एफएलसी) में सफल ईवीएम-वीवीपीटी की यादृच्छिक (रैंडम) टेस्टिंग पूरी कर ली है।
इस प्रक्रिया का संचालन जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा ईवीएम प्रबंधन प्रणाली (ईएमएस) के माध्यम से किया गया और इसमें राष्ट्रीय और राज्य स्तर के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई।
पहले रैंडमाइजेशन के बाद कुल 54,311 बैलट यूनिट (बीयू), 54,311 कंट्रोल यूनिट (सीयू) और 58,123 वीवीपीएटी मशीनें 121 विधानसभा क्षेत्रों के 45,336 मतदान केंद्रों में यादृच्छिक रूप से आवंटित की गईं।
निर्वाचन क्षेत्रवार यह यादृच्छिक सूची सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ उनके संबंधित जिला मुख्यालयों पर साझा की गई। इन ईवीएम और वीवीपीटी मशीनों को स्ट्रांग रूम में संग्रहीत किया जाएगा, जहां केवल संबंधित विधानसभा के निर्वाचन अधिकारी और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि ही पहुँच सकते हैं।
जैसे ही उम्मीदवारों की अंतिम सूची तैयार होगी, प्रथम चरण की यादृच्छिक ईवीएम और वीवीपीटी की पूरी सूची सभी चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के साथ साझा की जाएगी, ताकि मतदान प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित हो।