मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) आने वाले वर्षों में अपनी सबसे बड़ी कमाई चक्र में प्रवेश करने जा रही है। कोविड के बाद कंपनी ने करीब 80 अरब डॉलर का निवेश किया था, और अब विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश 2026 से बड़े पैमाने पर रिटर्न देना शुरू करेगा। कंपनी की बैलेंस-शीट मज़बूत है और कर्ज का दबाव लगभग न के बराबर है। आने वाले समय में 5G, डेटा सेंटर, रिफाइनिंग और नई ऊर्जा परियोजनाएं रिलायंस की कमाई का मुख्य आधार बनेंगी।
विश्लेषकों के अनुसार यह दौर पिछले 30 वर्षों में रिलायंस की चौथी बड़ी मोनेटाइजेशन वेव है। टेलीकॉम, रिटेल और ऑयल-टू-केमिकल्स में किए गए निवेश अब तेज़ी से रेवेन्यू जनरेट करेंगे। कैपेक्स बढ़ने के बावजूद नेट कर्ज स्थिर रहने की उम्मीद है, जिससे कंपनी को सीधे कैश-फ्लो में बढ़त मिल सकती है।
जियो अपने डिजिटल और 5G कारोबार को मजबूत करने में लगी है। आने वाले वर्षों में कंपनी क्वालिटी सब्सक्राइबर, फिक्स्ड वायरलेस सर्विस और संभावित टैरिफ वृद्धि पर फोकस कर रही है। अनुमान है कि FY27 तक जियो का ARPU 230 रुपये से अधिक पहुंच सकता है। होम ब्रॉडबैंड मार्केट में तेजी से बढ़ती हिस्सेदारी और जियो के संभावित IPO से कंपनी की वित्तीय स्थिति और मज़बूत होगी।
रिटेल कारोबार में रिलायंस अपनी मौजूदगी को तेज़ी से बढ़ा रही है। कंपनी क्विक कॉमर्स, अपने ब्रांडेड प्रोडक्ट्स और आधुनिक स्टोर नेटवर्क पर जोर दे रही है। अनुमान है कि FY27 तक रिलायंस रिटेल का रेवेन्यू लगभग 4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है और EBITDA में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे यह सेगमेंट कंपनी की दीर्घकालिक कमाई का बड़ा स्रोत बनेगा।
ग्लोबल रिफाइनिंग बिजनेस भी रिलायंस के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है। वैश्विक स्तर पर कम निवेश और स्थिर मांग के चलते 2027 तक रिफाइनिंग मार्जिन मजबूत रह सकते हैं। केमिकल बिजनेस में चीन की सप्लाई-साइड सुधार प्रक्रिया भी कंपनी के मार्जिन को स्थिर बनाए रखने में मदद करेगी।
नई ऊर्जा और AI रिलायंस की भविष्य की रणनीति के प्रमुख स्तंभ हैं। कंपनी 10 GW सोलर निर्माण, बैटरी टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन और AI आधारित पावर समाधान विकसित कर रही है। GPU-as-a-Service मॉडल वाले डेटा सेंटर से कंपनी को उच्च रिटर्न मिलने की संभावना है। नई ऊर्जा इकाई से FY27 में प्रारंभिक आय मिलने की उम्मीद है।
वैश्विक ब्रोकरेज हाउस रिलायंस के शेयर पर सकारात्मक रुख बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह चौथी मोनेटाइजेशन वेव कंपनी की नेट एसेट वैल्यू और कैश-फ्लो को आने वाले वर्षों तक मजबूत रखेगी। यदि रिफाइनिंग मार्जिन उम्मीद से बेहतर रहे और डिजिटल व न्यू एनर्जी प्रोजेक्ट समय से पहले मोनेटाइज हुए, तो निवेशकों को और भी अधिक रिटर्न मिल सकता है।