भिलाई : भिलाई रिसाली के VIP नगर में चल रहे त्रिवेणी ज्ञान यज्ञ सप्ताह के अंतर्गत सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन भक्तिमय माहौल देखने को मिला । कथा में प्रतिदिन पारायण पंडित जितेंद्र नाथ मिश्र गाजीपुर उत्तरप्रदेश द्वारा किया जा रहा है|



कथा व्यास पं.भूपत नारायण शुक्ला ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण व देवी रुक्मणि के पावन विवाह के प्रसंग का रसपूर्ण वर्णन सुनाया।कथा के दौरान पं. शुक्ला ने रुक्मणि विवाह को भक्ति, प्रेम और समर्पण का प्रतीक बताते हुए कहा कि सच्ची श्रद्धा से भगवान स्वयं भक्त के जीवन में आते हैं। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित रहे व धार्मिक भजनों पर भक्तिरस में डूबे नजर आए। त्रिवेणी ज्ञान यज्ञ सप्ताह के छठवें दिन संतों का समागम भी हुआ,





जिसमें उत्तर प्रदेश, ऋषिकेश, महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश व अन्य कई प्रदेशों से पधारे संत-महात्माओं ने अपनी उपस्थिति से कथा स्थल को पावन किया। संतों के सान्निध्य से वातावरण अत्यधिक आध्यात्मिक व ऊर्जावान हो गया वहीं संतों का आर्शीवाद लेने और कथा का रसपान करने पूर्व विधान सभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडे भी अपनी पत्नी के साथ पहुंचे ।श्रीकृष्ण व देवी रुक्मणि के पावन विवाह पर भगवान श्री कृष्ण की आकर्षक बारात भी निकाली गई जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने नाचते गाते भगवान श्री कृष्ण माता रुकमणी विवाह की खुशियां मनाई।