आंध्र प्रदेश : आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में बुधवार सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई भारी मुठभेड़ में सात नक्सली मारे गए, जिनमें चार पुरुष और तीन महिलाएँ शामिल थीं। यह कार्रवाई मंगलवार से शुरू हुए संयुक्त अभियान का हिस्सा थी।
सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि मारे गए नक्सलियों में संगठन का शीर्ष आईईडी विशेषज्ञ मटुरे जोगाराव उर्फ़ टेक शंकर भी शामिल था। टेक शंकर को आंध्र–ओडिशा बॉर्डर (AOB) स्पेशल जोनल कमेटी का महत्वपूर्ण सदस्य माना जाता था और वह छत्तीसगढ़ और AOB क्षेत्र में हुए कई बड़े लैंडमाइन और IED हमलों का मुख्य योजनाकार था।
तकनीकी विशेषज्ञ की मौत से संगठन को बड़ा झटका
पुलिस के अनुसार, टेक शंकर हथियार निर्माण, विस्फोटक डिजाइनिंग और संचार प्रणाली में माहिर था। नक्सली संगठन की तकनीकी कमान उसके हाथ में थी। हाल के महीनों में सीमा क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों की बढ़ती सूचना के बाद सुरक्षा बलों ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया, जिसके दौरान यह मुठभेड़ हुई।
17 नवंबर को ही मारेडुमिल्ली क्षेत्र में हुई कार्रवाई में कुख्यात नक्सली हिड़मा समेत छह नक्सली ढेर किए गए थे। इसके बाद से ही सुरक्षा बलों ने AOB क्षेत्र में लगातार ऑपरेशन तेज कर दिया था।
विस्तृत बरामदगी और गिरफ्तारी
हाल ही में NTR, कृष्णा, काकीनाडा, कोनसीमा और एलुरु जिलों से 50 नक्सली गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें केंद्रीय समिति, राज्य समिति और एरिया कमेटी के सदस्य शामिल हैं। अभियान के दौरान 45 हथियार, 272 कारतूस और कई तकनीकी उपकरण जब्त किए गए।
सुरक्षा बलों की तैयारी और आगे की रणनीति
एडीजी महेश चंद्र लड्डा ने बताया कि ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और किसी भी सुरक्षा बल को चोट नहीं आई। इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि छत्तीसगढ़ में बढ़ते दबाव के कारण कई नक्सली आंध्र प्रदेश की ओर शरण लेने की कोशिश कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कार्रवाई माओवादी संगठन के तकनीकी ढांचे और नेतृत्व पर बड़ा असर डालने वाली साबित होगी।