भिलाई/अमलेश्वर। दुर्ग पुलिस ने अपहरण की एक ऐसी गुत्थी सुलझाई है, जिसकी साजिश फिल्मी पटकथा जैसी थी। अमलेश्वर थाना क्षेत्र में एक बालक के अपहरण के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज कुछ ही घंटों में इसका खुलासा कर दिया। इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार का सगा भांजा ही निकला, जिसने हनीट्रैप के जरिए इस वारदात को अंजाम दिया था।
हनीट्रैप के जाल में फंसाकर किया किडनैप पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से बालक को अपने जाल में फंसाने के लिए ‘हनीट्रैप’ (एक महिला का सहारा लेकर प्रलोभन देना) का इस्तेमाल किया था। जैसे ही बालक उनके झांसे में आया, आरोपियों ने उसे अगवा कर लिया। इस पूरी योजना का सूत्रधार प्रार्थी का परिचित और सगा भांजा था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
दुर्ग और धमतरी पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभाला। तकनीकी इनपुट्स के आधार पर पुलिस को आरोपियों के धमतरी की ओर भागने की सूचना मिली। इसके बाद दुर्ग पुलिस और धमतरी पुलिस ने संयुक्त रूप से घेराबंदी की और फिल्मी स्टाइल में आरोपियों को दबोच लिया।
पुलिस की मुस्तैदी से अपहृत बालक को सकुशल बरामद कर लिया गया है।महिला सहित 05 आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड भांजे सहित कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें साजिश में शामिल महिला भी शामिल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों का मुख्य उद्देश्य फिरौती या अन्य आर्थिक लाभ हो सकता था, जिसकी विस्तृत जांच जारी है।
पुलिस की बड़ी कामयाबी दुर्ग एसपी ने टीम की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। इस सफल ऑपरेशन ने न केवल एक मासूम की जान बचाई। सभी आरोपियों के खिलाफ अपहरण और साजिश रचने की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।