चंडीगढ़ | खालिस्तान समर्थक और खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एनएसए के तहत हुई गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें पहले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख करना चाहिए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मामला दाखिल होने के छह सप्ताह के भीतर हाईकोर्ट सुनवाई पूरी करे।
यह आदेश न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजनैया की खंडपीठ ने जारी किया।अमृतपाल सिंह ने 31 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने NSA लगाने को व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया था। दलील दी गई थी कि वे एक जनप्रतिनिधि हैं और उन्हें संसद सत्रों में शामिल होने से रोका जा रहा है, जो उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
याचिका में भारत सरकार, पंजाब सरकार, अमृतसर के डीसी और एसएसपी (रूरल) के साथ-साथ असम के डिब्रूगढ़ जेल अधीक्षक को भी पक्षकार बनाया गया था।
सूत्रों के अनुसार, अमृतपाल सिंह पर तीसरी बार एनएसए लागू किया गया है। उनके नौ साथियों से यह कार्रवाई हटा दी गई है, लेकिन अमृतपाल पर एक और साल के लिए एनएसए बढ़ा दिया गया है। वे 23 अप्रैल 2023 से हिरासत में हैं और फिलहाल डिब्रूगढ़ जेल (असम) में बंद हैं।
गौरतलब है कि यह मामला 9 अक्टूबर 2024 की एक हत्या से जुड़ा है, जिसकी जांच में अमृतपाल सिंह का नाम आतंकी अर्श डल्ला के साथ साजिशकर्ताओं में शामिल पाया गया था।