नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पाबंदी के नए कानून के तहत Snapchat ने अपने यूजर्स के एज वेरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सोमवार से ही कंपनी ने उन उपयोगकर्ताओं को नोटिफिकेशन भेजना शुरू कर दिया है, जिनकी उम्र 16 साल से कम होने का अनुमान है।
ऑस्ट्रेलियाई कानून 10 दिसंबर 2025 से लागू होगा, जिसके तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चों को किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने से रोका जाएगा। इसी के तहत Snapchat ने देश में लगभग 4.4 लाख यूजर्स (13-15 साल) की उम्र की जांच शुरू कर दी है।
Snapchat उम्र साबित करने के दो विकल्प दे रहा है:
- कनेक्ट आईडी – यह बैंक से जुड़ा विकल्प है, जो केवल यह साबित करता है कि यूजर 16+ है, लेकिन कोई व्यक्तिगत बैंक जानकारी साझा नहीं होती।
- आईडी या सेल्फी वेरिफिकेशन – यूजर अपनी आईडी अपलोड कर सकता है या सेल्फी के जरिए उम्र का अनुमान लगाने की सुविधा का इस्तेमाल कर सकता है।
यदि किसी बच्चे की उम्र 16 साल से कम पाई जाती है, तो उसका खाता लॉक कर दिया जाएगा। जब वह 16 साल का हो जाएगा और उम्र साबित कर देगा, तभी अकाउंट दोबारा खुल सकेगा।
Snapchat ने खुद को “सोशल मीडिया” नहीं, बल्कि विजुअल मैसेजिंग ऐप बताया है और इस नियम से पूरी तरह सहमत नहीं है, लेकिन कंपनी ने कहा है कि वह ऑस्ट्रेलिया के कानून का पालन करेगी।
ऑस्ट्रेलियाई सरकार के अनुसार, इस कानून का मकसद बच्चों को ऑनलाइन खतरों, साइबरबुलिंग और हानिकारक कंटेंट से बचाना है। टिकटॉक और इंस्टाग्राम जैसे अन्य प्लेटफॉर्म्स को भी इसी नियम का पालन करना होगा।