नई दिल्ली: सोनिया गांधी ने नागरिकता प्राप्त करने से पहले अपने नाम वोटर लिस्ट में दर्ज होने के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया है। जवाब में उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका पूरी तरह अनुमानों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है और इसका उद्देश्य कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग और राजनीतिक लाभ उठाना है।
सोनिया के वकील ने कोर्ट में स्पेशल जज विशाल गोगने को बताया कि शिकायतकर्ता ने ऑथेंटिक दस्तावेजों की बजाय व्यक्तिगत धारणाओं और अफवाहों के आधार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, किसी भी दस्तावेज़ को गलत या जाली साबित नहीं किया गया है और याचिका में आवश्यक तथ्य और विवरण की कमी है।
सोनिया ने यह भी स्पष्ट किया कि नागरिकता से जुड़े मामले केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, जबकि वोटर लिस्ट तैयार करना और अपडेट रखना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आपराधिक अदालतों द्वारा ऐसे मामलों में दखल देना चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप माना जा सकता है।
मामले की अगली सुनवाई 21 फरवरी को होगी, जब कोर्ट इस याचिका पर निर्णय लेगी।