शिक्षा जगत के लिए खास दिन: राष्ट्रपति मुर्मु जालंधर NIT दीक्षांत में होंगी शामिल

जालंधर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने पंजाब प्रवास के दौरान जालंधर स्थित डॉ. बी.आर. अंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) के 21वें दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगी। राष्ट्रपति की उपस्थिति को लेकर संस्थान के साथ-साथ पूरे शहर में उत्साह का माहौल है।

हजारों विद्यार्थियों को मिलेगा शैक्षणिक सम्मान

इस दीक्षांत समारोह में विभिन्न संकायों के कुल 1,452 विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। इनमें बीटेक, एमटेक, एमबीए, एमएससी और पीएचडी कार्यक्रमों के छात्र-छात्राएं शामिल हैं।

गोल्ड मेडल से नवाजे जाएंगे उत्कृष्ट विद्यार्थी

शैक्षणिक प्रदर्शन में उत्कृष्टता हासिल करने वाले 31 विद्यार्थियों को राष्ट्रपति के हाथों स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। यह सम्मान छात्रों के कठिन परिश्रम और संस्थान की अकादमिक गुणवत्ता को दर्शाता है।

राष्ट्रपति दौरे को लेकर हाई अलर्ट

राष्ट्रपति के आगमन को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। प्रशासन ने जालंधर जिले में कार्यक्रम की अवधि के दौरान हवाई गतिविधियों पर रोक लगाने का फैसला लिया है।

ड्रोन और निजी उड़ानों पर रोक

सुरक्षा कारणों से जिले की सीमाओं में ड्रोन, रिमोट कंट्रोल एयरक्राफ्ट, निजी हेलिकॉप्टर और हॉट एयर बैलून उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

यातायात के लिए बदले गए रूट

दीक्षांत समारोह के दौरान आम नागरिकों को परेशानी न हो, इसके लिए ट्रैफिक व्यवस्था में अस्थायी बदलाव किए गए हैं। प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है और वैकल्पिक रूट तय किए गए हैं।

शिक्षा को बताया राष्ट्र निर्माण का आधार

इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अमृतसर में आयोजित गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुई थीं। वहां उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा था कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी है।

महिला शिक्षा और सशक्तिकरण पर जोर

राष्ट्रपति ने महिला शिक्षा और सशक्तिकरण को राष्ट्र की प्रगति के लिए अनिवार्य बताते हुए विश्वविद्यालयों की भूमिका की सराहना की थी। दीक्षांत समारोह में बड़ी संख्या में छात्राओं की भागीदारी को उन्होंने सकारात्मक संकेत बताया।

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