भोपाल। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची सुधार अभियान (SIR) ने तेज रफ्तार पकड़ी है। राज्य के 10 जिलों में SIR से जुड़े सभी कार्य पूरी तरह संपन्न हो चुके हैं, जबकि 94.5% गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन भी पूरा हो गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा के अनुसार प्रदेश के 35 जिलों ने 96% से अधिक लक्ष्य हासिल कर लिया है। अब तक करीब 5 करोड़ 42 लाख दस्तावेजों का डिजिटाइजेशन सफलता पूर्वक किया जा चुका है।
10 जिलों में लक्ष्य 100% पूरा
अशोकनगर, नीमच, बैतूल, गुना, मंडला, डिंडोरी, शाजापुर, सीहोर, सीधी और उमरिया—इन सभी जिलों ने निर्धारित लक्ष्य को पूरी तरह पूरा कर लिया है। वहीं अन्य 5 जिलों में भी 93% से अधिक कार्य पूरा होने की पुष्टि हुई है। तय समय से पहले उपलब्धि हासिल होने पर सीईओ ने सभी अधिकारियों, बीएलओ और फील्ड कर्मचारियों को धन्यवाद दिया।
9 दिसंबर से फिर शुरू होगी प्रक्रिया
स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के कारण अभी मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की सुविधा रोकी गई है। यह प्रक्रिया 9 दिसंबर से दोबारा शुरू होगी। इसी के साथ चुनाव आयोग ने नया नियम लागू किया है—
अब वोटर लिस्ट में नया नाम जोड़ने (फॉर्म-6) या सुधार/बदलाव (फॉर्म-8) के लिए एक घोषणा पत्र देना अनिवार्य होगा। इसके फॉर्मेट को सभी जिलों को भेजा जा रहा है।
घोषणा पत्र पर बीएलओ के हस्ताक्षर अनिवार्य
उप जिला निर्वाचन अधिकारी अनिल बनवारिया के अनुसार, घोषणा पत्र में आवेदक को अपने माता-पिता और रिश्तेदारों की जानकारी, उनका विधानसभा क्षेत्र, पार्ट नंबर और सीरियल नंबर जैसी विवरण दर्ज करना होगा।
इस घोषणा पत्र पर संबंधित बीएलओ के हस्ताक्षर भी आवश्यक होंगे, ताकि फील्ड वेरिफिकेशन प्रक्रिया को और मजबूत किया जा सके।
नई प्रणाली लागू होने से मतदाता सूची में सुधार कार्य अधिक पारदर्शी और मजबूत होने की उम्मीद है।