वाशिंगटन। अमेरिका के डेलावेयर राज्य में एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया। एफबीआई और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में डेलावेयर यूनिवर्सिटी के छात्र और पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक 25 वर्षीय लुकमान खान को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि वह विश्वविद्यालय परिसर में सामूहिक गोलीबारी (मास शूटिंग) की योजना बना रहा था।
डायरी में बरामद हुआ ‘किल प्लान’
जांच एजेंसियों को लुकमान की हस्तलिखित नोटबुक में चौंकाने वाली जानकारियां मिलीं। नोटबुक में बार-बार “सबको मार डालो” और “शहादत सबसे बड़ी चीज है” जैसे वाक्य लिखे थे। इसमें डेलावेयर यूनिवर्सिटी पुलिस स्टेशन का नक्शा, प्रवेश–निकास मार्ग, एक पुलिस अधिकारी का नाम और हमले के बाद जांच से बचने की रणनीति तक दर्ज थी।
घर से मिला हथियारों का जखीरा
गिरफ्तारी के बाद एफबीआई ने लुकमान के विलमिंगटन स्थित घर पर छापा मारकर भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद किए। इनमें रेड-डॉट स्कोप लगी एआर-स्टाइल राइफल, एक मॉडिफाइड ग्लॉक पिस्तौल शामिल है, जिसे अवैध डिवाइस के माध्यम से पूर्ण स्वचालित मशीन गन में बदल दिया गया था। यह हथियार प्रति मिनट 1,200 राउंड फायर करने में सक्षम है।
इसके अलावा, 11 अतिरिक्त मैगजीन, खोखली घातक गोलियां (हॉलो-प्वाइंट बुलेट्स) और बॉडी आर्मर भी बरामद किया गया।
अमेरिकी नागरिक, पाकिस्तानी मूल
रिपोर्टों के अनुसार, लुकमान का जन्म पाकिस्तान में हुआ था, लेकिन बचपन से ही अमेरिका में रह रहा है और उसके पास अमेरिकी नागरिकता है। पूछताछ में उसने “शहादत को महान कार्य” बताया है।
पुलिस ने बताया कि लुकमान के पास से मिले सभी हथियार अवैध थे और किसी का भी पंजीकरण नहीं था। फिलहाल आरोपी जेल में है। एफबीआई यह जांच कर रही है कि वह किसी नेटवर्क से जुड़ा था या अकेले ही ‘लोन वुल्फ’ हमले की तैयारी कर रहा था।