ऑपरेशन सिंदूर” रंगोली प्रतियोगिता में स्वरूपानंद महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने लहराया परचम

दुर्ग : स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय के छात्राओं ने संस्कार भारती (जिला दुर्ग, छत्तीसगढ़) द्वारा प्रायोजित “दीपावाली पर्व पर रंगोली प्रतियोगिता ” में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए महाविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। इस प्रतियोगिता में छात्राओं ने ऑपरेशन सिन्दूर पर रंगोली के माध्यम से अपनी प्रतिभा और सृजनशीलता का परिचय दिया। इस रंगोली का उद्देश्य आतंकवाद के प्रति ” शून्य सहिष्णुता” का संदेश देना और महिलाओं का सम्मान शामिल था।

प्रतियोगिता मे विजेता रही;

  1. साम्या सोनकर( बी.एस सी तृतीय सेमिस्टर, प्रथम स्थान)
  2. विनीता ( बी. एस सी, तृतीय सेमिस्टर,  द्वितीय स्थान)
  3. प्रिया सिंह ( बी. कॉम ,प्रथम सेमिस्टर, तृतीय स्थान)

इस विशेष आयोजन में प्रतिभागियों ने रंगोली को माध्यम बना कर भारतीय महिलाओं और उनके सम्मान के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाया।

प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार विजेता साम्या सोनकर (बी.एस सी द्वितीय वर्ष),की छात्रा  ने अपनी अद्भुत प्रस्तुति से एकता की भावना को और हमलों का कड़ा जवाब देने का संदेश दिया। जो सराहनीय रहा।

वहीं द्वितीय पुरस्कार विनता (बी. एस सी

 द्वितीय वर्ष) अपनी रंगोली की प्रतिभा से यह संदेश देने का प्रयास किया कि हमले में मारे गए लोगों की विधवाओं के सिंदूर उजड़ने वालो को मिटा देने का संदेश दिया।

इसी क्रम में तृतीय पुरस्कार प्रिया सिंह (बी. कॉम प्रथम वर्ष) ने विभिन्न रंगों के माध्यम से देशवासियों के मन में सेना के प्रति विश्वास और सम्मान बढ़ाना था।

इस अवसर पर निदेशक, श्री शंकराचार्य एजुकेशनल कैम्पस, डॉ. दीपक शर्मा ने कहा कि “स्वरूपानंद महाविद्यालय के विद्यार्थी निरंतर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। यह उपलब्धि दर्शाती है कि संस्था न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में बल्कि सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों में भी अग्रणी है।”

विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर महाविद्यालय परिवार ने हर्ष व्यक्त किया। प्राचार्या डॉ. हंसा शुक्ला ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि “विद्यार्थियों की यह सफलता उनके परिश्रम, लगन और सृजनशील सोच का परिणाम है। उन्होंने विभिन्न रंगों का प्रयोग करते हुए वीरता, शक्ति और शौर्य को दर्शाया और उनका सम्मान बताया।” “ऑपरेशन सिंदूर” शब्द को सेना की ताकत के प्रतीक के रूप में उपयोग किया जाता है।

महाविद्यालय परिवार ने सभी विजेताओं को शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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