चंडीगढ़: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए 5 मैचों की टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में टीम इंडिया को 51 रनों की करारी हार का सामना करना पड़ा। यह मुकाबला मुल्लांपुर स्थित महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया।
भारत का टॉस और रणनीति नाकाम
भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन यह रणनीति भारी पड़ गई। पहले गेंदबाजों ने दक्षिण अफ्रीका को आसानी से रन बनाने दिए, और उसके बाद बल्लेबाजों की भी बड़ी विफलता देखने को मिली। कप्तान सूर्यकुमार यादव, अनुभवी शुभमन गिल और धुरंधर अभिषेक शर्मा से उम्मीद थी कि टीम 200+ का चुनौतीपूर्ण स्कोर पीछा करेगी, लेकिन उम्मीद के विपरीत पहले बल्लेबाज जल्दी आउट हो गए।
9 गेंदों में 5 विकेट गिरना
दक्षिण अफ्रीका के 214 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 18वें ओवर में 142/5 स्कोर कर रही थी। तिलक वर्मा और जितेश शर्मा के विकेट गिरने के बाद टीम पूरी तरह लड़खड़ाने लगी। अंतिम 5 विकेट महज 9 गेंदों में गिर गए, और भारत की पारी 162 रन पर समाप्त हो गई।
शर्मनाक रिकॉर्ड बन गया
इस मैच में भारत का एक अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हुआ। यह पहला मौका है जब किसी टी20 इंटरनेशनल में टीम इंडिया के सभी बल्लेबाज तेज गेंदबाजों के शिकार बने। इसके साथ ही दक्षिण अफ्रीका के लिए भी पहला मौका है कि उनके तेज गेंदबाजों ने टी20 में भारत के 10 विकेट चटकाए।
साउथ अफ्रीका का बड़ा इतिहास
इस जीत के साथ साउथ अफ्रीका ने भारत के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल में 13वीं जीत दर्ज की। इस तरह उन्होंने इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा जीत का रिकॉर्ड बनाया, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड को पीछे छोड़ते हुए।
भारत की हार और दक्षिण अफ्रीका की तेज गेंदबाजी ने क्रिकेट फैंस को चौकाया और इस मैच ने टी20 इतिहास में कई नए रिकॉर्ड दर्ज किए।