ढाका। बांग्लादेश में आगामी 12 फरवरी को होने वाले 13वें संसदीय चुनाव और राष्ट्रीय जनमत संग्रह से पहले देश का सियासी माहौल लगातार तनावपूर्ण होता जा रहा है। चुनावी सरगर्मी बढ़ने के साथ-साथ हिंसा, धमकियों और राजनीतिक अपराधों के मामलों में भी तेजी देखी जा रही है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
इसी बीच अमेरिकी दूतावास ने बांग्लादेश में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एक सुरक्षा चेतावनी (सिक्योरिटी अलर्ट) जारी की है। दूतावास ने आगाह किया है कि चुनाव के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी अचानक हिंसक रूप ले सकते हैं।
राजनीतिक हिंसा और हमलों की आशंका
अमेरिकी दूतावास की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि चुनाव के दौरान राजनीतिक हिंसा और कट्टरपंथी हमलों का खतरा बना रह सकता है। इसमें चुनावी रैलियों, मतदान केंद्रों और धार्मिक स्थलों जैसे मंदिर, मस्जिद और चर्च को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई गई है।
दूतावास ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी नागरिकों को किसी भी तरह की भीड़, प्रदर्शन या रैली से दूरी बनाए रखनी चाहिए और हर समय सतर्क रहना चाहिए।
ट्रांसपोर्ट पर पाबंदी, दूतावास की सेवाएं सीमित
बांग्लादेश सरकार ने चुनाव को देखते हुए 10 फरवरी से मोटरसाइकिलों पर रोक लगाने की घोषणा की है, जबकि 11 और 12 फरवरी को सभी प्रकार के परिवहन पर प्रतिबंध लागू रहेगा। इसके चलते ढाका स्थित अमेरिकी दूतावास ने भी इन दो दिनों में सीमित ऑन-साइट सेवाएं देने की जानकारी दी है।
चुनाव प्रचार के साथ बढ़ी हिंसा
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जैसे ही चुनाव प्रचार तेज हुआ, कई इलाकों में गोलीबारी, चाकूबाजी, तोड़फोड़ और झड़पों की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में कई लोग घायल हुए हैं, जबकि कुछ की मौत की भी खबर है। रिपोर्ट्स में अल्पसंख्यक समुदाय, विशेषकर हिंदुओं को निशाना बनाए जाने के आरोप भी सामने आए हैं।
चुनावी ढांचे को नुकसान
बांग्लादेशी अखबार ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, कई क्षेत्रों में चुनाव से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाया गया है। चुनावी कैंप, कार्यालय, माइक्रोफोन, वाहन और यहां तक कि मतदान केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों तक को तोड़ा या लूटा गया है।
उम्मीदवारों को मिल रहीं धमकियां
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई चुनाव उम्मीदवारों ने पुलिस थानों में जनरल डायरी (जीडी) दर्ज कराई है। इनमें जान से मारने की धमकियों और साजिश की आशंका का जिक्र किया गया है।
बढ़ी सुरक्षा चिंता
लगातार बढ़ती हिंसक घटनाओं ने बांग्लादेश में चुनाव प्रक्रिया की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है।