नौकरी का झांसा देकर इंजीनियर युवती को बेचा थाईलैंड, ‘साइबर स्लेवरी’ से बचकर लौटी भारत

महाराष्ट्र के संभाजीनगर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां नौकरी का सपना दिखाकर एक इंजीनियर युवती को साइबर गुलामी (Cyber Slavery) की अंधेरी दुनिया में धकेल दिया गया। युवती को थाईलैंड ले जाकर महज 1.5 लाख रुपये में बेच दिया गया और उसे बंधक बनाकर जबरन ऑनलाइन ठगी के गिरोह में काम करने के लिए मजबूर किया गया। लेकिन उसने हार नहीं मानी — हिम्मत, सूझबूझ और भारतीय दूतावास की मदद से आखिरकार वह 21 अक्टूबर को सुरक्षित वतन लौट आई।

शिकायत के अनुसार, यह घिनौनी साजिश अविनाश रामभाऊ उढाण नामक व्यक्ति ने रची थी, जो खुद को कंपनी मालिक बताता है। उसने पीड़िता को थाईलैंड में मार्केटिंग मैनेजर की आकर्षक नौकरी का प्रस्ताव दिया और इसके एवज में पैसे भी ऐंठे। अगस्त 2025 में युवती को विदेश भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचते ही उसकी जिंदगी पलट गई। नौकरी की जगह उसे एक अज्ञात कंपनी को बेच दिया गया, जहां उसे कैद कर साइबर अपराध करने के लिए दबाव डाला गया।

कई दिनों की यातना झेलने के बाद, युवती ने किसी तरह 2,000 अमेरिकी डॉलर (करीब ₹1.66 लाख) का भुगतान कर खुद को आज़ाद कराया। इसके बाद उसने कंबोडिया स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क किया, जिन्होंने उसे सुरक्षित भारत लाने की पूरी व्यवस्था की।

वापसी के बाद पीड़िता ने पुंडलिकनगर पुलिस स्टेशन में आरोपी अविनाश उढाण के खिलाफ धोखाधड़ी और मानव तस्करी की गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई है।

इस घटना ने न केवल साइबर स्लेवरी के फैलते नेटवर्क की सच्चाई उजागर की है, बल्कि यह भी दिखाया है कि नौकरी के नाम पर विदेश भेजने वाले फर्जी एजेंट कैसे युवाओं को धोखे से अपराध के दलदल में धकेल रहे हैं।
मुंबई इमिग्रेशन विभाग ने भी इस प्रकरण को गंभीर मानते हुए एक अलग शिकायत दर्ज की है। पुलिस आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *