अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर तैयार, स्वर्ण कलश और ध्वज ने बढ़ाई आस्था की शोभा

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बनने वाला भव्य राम मंदिर अब पूरी तरह से तैयार हो चुका है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए कहा कि मुख्य मंदिर के साथ-साथ परकोटे के सभी छह मंदिरों का निर्माण भी पूर्ण हो गया है। इन मंदिरों में भगवान शिव, भगवान गणेश, भगवान हनुमान, सूर्यदेव, देवी भगवती, देवी अन्नपूर्णा और शेषावतार के मंदिर शामिल हैं। सभी पर ध्वजदंड और कलश की स्थापना पूरी कर ली गई है।

ट्रस्ट ने बताया कि सप्त मंडप परिसर — जिसमें महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, निषादराज, शबरी और अहिल्या जैसे पौराणिक चरित्रों को समर्पित मंदिर हैं — अब पूरी तरह निर्मित हो चुके हैं। इसके साथ ही संत तुलसीदास मंदिर भी तैयार है और परिसर में जटायु एवं गिलहरी की प्रतिमाएं स्थापित की जा चुकी हैं, जो सेवा और समर्पण के प्रतीक हैं।

तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े सभी कार्य पूरे कर लिए गए हैं। सड़क निर्माण, फर्श पर पत्थर बिछाने का कार्य एलएंडटी (L&T) द्वारा किया गया है, जबकि हरियाली और पंचवटी क्षेत्र का सौंदर्यीकरण जीएमआर (GMR) के सहयोग से अंतिम चरण में है। वहीं कुछ प्रशासनिक निर्माण कार्य, जैसे 3.4 किलोमीटर लंबी चारदीवारी, ट्रस्ट कार्यालय, अतिथि गृह और सभागार का निर्माण जारी है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूमि पूजन कर मंदिर निर्माण की औपचारिक शुरुआत की थी। इसके बाद 15 जनवरी 2021 से निर्माण कार्य तेजी से प्रारंभ हुआ। मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को संपन्न हुई थी, जिसमें देशभर से लाखों श्रद्धालु और संत शामिल हुए थे।

अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण अब अपने पूर्ण वैभव में है — यह न केवल आस्था और आध्यात्मिकता का प्रतीक है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता और गौरव का जीवंत प्रतीक बन चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *