46 साल बाद फिर छू रहा शिखर: 24 कैरेट सोने ने बनाया नया रिकॉर्ड

Gold Price:  इस वर्ष सोने ने जिस तरह एकतरफा मजबूती दिखाई है, उसने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों को हैरान कर दिया है। जनवरी से शुरू हुई तेजी साल के अंत तक कायम रही है और सोना अब लगभग 46 साल बाद अपने सबसे दमदार वार्षिक प्रदर्शन की ओर बढ़ रहा है। सोमवार के कारोबार में एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाले गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट में तेज शुरुआत हुई। पिछले सत्र में कीमत 1,27,667 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी, जबकि आज यह 1,28,352 रुपये पर खुला। सुबह 11:15 बजे तक कीमत में करीब 713 रुपये की छलांग दर्ज की गई और भाव 1,28,380 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया।

कीमतें क्यों चढ़ रही हैं?

विशेषज्ञों के मुताबिक, फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर कटौती की उम्मीद ने सोने को बड़ा समर्थन दिया है। ब्याज दरें कम होने पर सोना जैसे सेफ-हेवन एसेट अधिक आकर्षक हो जाते हैं, जिससे मांग बढ़ती है। अमेरिका में सरकारी कार्य बाधित होने और आर्थिक डेटा जारी होने में देरी ने भी अनिश्चितता को बढ़ाया है, जिससे सोने में खरीदारी रफ्तार पकड़ रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती

वैश्विक बाजार में भी सोने की कीमतें ऊंचाई पर बनी हुई हैं। बीते सप्ताह अंतरराष्ट्रीय स्पॉट गोल्ड लगभग 4170 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। नवंबर में हल्की गिरावट के बावजूद सोना लगातार 4000 डॉलर प्रति औंस से ऊपर बना हुआ है, जो निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।

गोल्ड ETF और केंद्रीय बैंक खरीद से सपोर्ट

गोल्ड ETF में लगातार तीन सप्ताह से इनफ्लो बढ़ रहा है, जो निवेशकों की दीर्घकालिक रणनीति को दिखाता है। तीसरी तिमाही में दुनिया के केंद्रीय बैंकों ने करीब 220 टन सोना खरीदा, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है।

क्या दोहराएगा 1979 जैसा इतिहास?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल सोने का प्रदर्शन 1979 के बाद सबसे बेहतर हो सकता है। वैश्विक आर्थिक दबाव, भू-राजनीतिक तनाव और ब्याज दरों में संभावित कमी आने वाले महीनों में भी कीमतों को तेजी की राह पर रख सकते हैं। निवेशकों के लिए सोना फिलहाल मजबूत रुझान में दिखाई दे रहा है।

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