नई दिल्ली: देश की वित्तीय दिशा तय करने वाला केंद्रीय बजट कल संसद में पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार लोकसभा में आम बजट रखेंगी। इस बार बजट डे की खास बात यह है कि रविवार होने के बावजूद शेयर बाजार बंद नहीं रहेगा और पूरे दिन ट्रेडिंग जारी रहेगी। ऐसे में निवेशकों की नजरें बजट घोषणाओं और उससे प्रभावित होने वाले सेक्टरों पर टिकी हुई हैं।
टैक्स राहत की उम्मीद से बाजार में उत्साह
निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की प्रमुख अपेक्षाओं में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स में संभावित राहत शामिल है। अगर सरकार इन करों में कोई नरमी दिखाती है, तो इसका सीधा असर कैपिटल मार्केट से जुड़ी कंपनियों और ब्रोकरेज फर्मों पर देखने को मिल सकता है।
ब्रोकरेज और वेल्थ मैनेजमेंट कंपनियां रडार पर
कर ढांचे में बदलाव की स्थिति में मोतीलाल ओसवाल, एंजेल वन, आनंद राठी, नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट, 360 वन WAM और ग्रो जैसी कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है। ये कंपनियां सीधे तौर पर निवेश गतिविधियों से जुड़ी हैं, इसलिए बजट का असर इन पर जल्दी दिखता है।
टेक्सटाइल इंडस्ट्री को राहत की आस
बीते समय में वैश्विक टैरिफ दबाव झेल चुके टेक्सटाइल सेक्टर को बजट से सहारा मिलने की उम्मीद है। निर्यात बढ़ाने या टैक्स में छूट से जुड़े किसी भी ऐलान का फायदा गोकलदास एक्सपोर्ट्स, वेलस्पन लिविंग, अरविंद, इंडो काउंट इंडस्ट्रीज और KPR मिल जैसी कंपनियों को मिल सकता है।
रेलवे और रक्षा पर सरकार का फोकस संभव
रेलवे सेक्टर के शेयर फिलहाल अपने उच्चतम स्तर से नीचे कारोबार कर रहे हैं। बजट में रेलवे नेटवर्क विस्तार, नई वंदे भारत ट्रेनों और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए अतिरिक्त फंड की घोषणा से टिटागढ़ रेल, टेक्समाको रेल, RVNL, IRCON, RITES और BEML जैसी कंपनियों को बल मिल सकता है। वहीं रेलवे फाइनेंसिंग से जुड़ी IRFC के लिए भी नए अवसर बन सकते हैं। सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ से जुड़े फैसले HBL पावर, केर्नेक्स माइक्रोसिस्टम्स और सीमेंस जैसे शेयरों को प्रभावित कर सकते हैं।
ऑटो सेक्टर में मांग बढ़ने की उम्मीद
आय में संभावित बढ़ोतरी और वेतन आयोग से जुड़ी चर्चाओं के चलते ऑटोमोबाइल सेक्टर भी निवेशकों के रडार पर है। मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, हुंडई मोटर इंडिया, बजाज ऑटो, हीरो मोटोकॉर्प और टीवीएस मोटर्स पर नजर बनी रहेगी। इलेक्ट्रिक वाहनों और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर किसी भी तरह की घोषणा इस सेक्टर के लिए सकारात्मक मानी जाएगी।
बैंकिंग, एनबीएफसी और बीमा कंपनियों पर भी असर
बजट में एमएसएमई सेक्टर के लिए क्रेडिट गारंटी और लोन स्कीम से जुड़े फैसले बैंकिंग और एनबीएफसी कंपनियों की दिशा तय कर सकते हैं। एसबीआई, पीएनबी, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस और एलएंडटी फाइनेंस जैसे शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी। वहीं टैक्स छूट या बीमा सुधारों से जुड़े ऐलान एचडीएफसी लाइफ, एसबीआई लाइफ और एलआईसी जैसी कंपनियों के लिए अहम साबित हो सकते हैं।
इन सेक्टरों से भी उम्मीदें
1इसके अलावा डेटा सेंटर, रियल एस्टेट, हाउसिंग, फार्मा और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों से जुड़े बजट फैसले भी बाजार की चाल तय करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।