वॉशिंगटन : वॉशिंगटन से मिल रही जानकारी के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए संकेत दिए हैं कि यदि हालात और बिगड़े तो अमेरिका पहले से कहीं ज्यादा बड़ा सैन्य कदम उठा सकता है। उनके बयान के बाद पश्चिम एशिया और हिंद महासागर क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना का शक्तिशाली एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप यूएसएस अब्राहम लिंकन हिंद महासागर में सक्रिय हो चुका है और धीरे-धीरे ईरान के नजदीकी क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह तैनाती किसी भी संभावित सैन्य अभियान में अहम भूमिका निभा सकती है, चाहे वह आक्रामक कार्रवाई हो या फिर ईरान की ओर से होने वाले संभावित जवाबी हमलों से क्षेत्रीय सहयोगियों की सुरक्षा।
कूटनीतिक संदेशों का भी चला दौर
सूत्रों के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में अमेरिका और ईरान के बीच परोक्ष संवाद भी हुआ था। ओमान के राजनयिकों के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान किया गया, जिसमें अमेरिकी प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच बातचीत की जानकारी सामने आई है। इन संदेशों में तनाव कम करने और संभावित मुलाकात की संभावना पर भी चर्चा हुई थी, ताकि हालात को सैन्य टकराव तक पहुंचने से रोका जा सके।
हालांकि, इसके समानांतर ट्रंप प्रशासन ने सैन्य दबाव बढ़ाना भी जारी रखा है। हाल के दिनों में ट्रंप ने कई बार कड़े बयान दिए हैं, जिनमें उन्होंने स्पष्ट किया है कि अमेरिका किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
सुरक्षा इंतजाम और मजबूत
एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बलों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम भेजे जा रहे हैं। इसमें अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइल बैटरियों के साथ-साथ थाड मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तैनाती भी शामिल है, ताकि ईरान की ओर से किसी भी संभावित मिसाइल या ड्रोन हमले का प्रभावी जवाब दिया जा सके।
हवाई अभ्यास से शक्ति प्रदर्शन
इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एयर फोर्स घटक के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डेरेक फ्रांस ने बताया कि मिडिल ईस्ट क्षेत्र में आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर हवाई सैन्य अभ्यास किए जाएंगे। उनके अनुसार, इन अभ्यासों का उद्देश्य यह दिखाना है कि अमेरिकी वायुसेना कठिन परिस्थितियों में भी अपने सहयोगी देशों के साथ तालमेल बनाकर प्रभावी और सुरक्षित तरीके से अभियान चला सकती है।
ट्रंप का सोशल मीडिया संदेश
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी चेतावनी भरा संदेश जारी करते हुए कहा कि अमेरिकी नौसैनिक बेड़ा पूरी मजबूती और स्पष्ट उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रहा है और इसकी अगुवाई यूएसएस अब्राहम लिंकन कर रहा है।
कुल मिलाकर, कूटनीति और सैन्य तैयारियों के समानांतर चलने से साफ है कि अमेरिका–ईरान संबंध एक बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहे हैं, जहां किसी भी बयान या कदम से हालात तेजी से बदल सकते हैं।