दो नाबालिग कट्टरपंथ की गिरफ्त में, ऑपरेशन सिंदूर के नक्शे ISIS को भेजने का आरोप

रायपुर : छत्तीसगढ़ में नाबालिग छात्रों के ISIS के निशाने पर आने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। राज्य की एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने रायपुर और भिलाई से दो नाबालिग छात्रों को हिरासत में लिया, जो सीधे विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में थे। ये छात्र 10वीं और 11वीं कक्षा में पढ़ते हैं और उन्हें हिंसा का ग्लैमर दिखाकर आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार किया जा रहा था।

ATS की जांच में पता चला कि बच्चों को गेमिंग चैट रूम्स और इंस्टाग्राम के सीक्रेट ग्रुप्स के माध्यम से फंसाया जा रहा था। हैंडलर्स ने इन्हें ‘डिजिटल मॉड्यूल’ में शामिल करने के लिए हाई-टेक प्रशिक्षण दिया, जिसमें डार्क वेब, टोर (TOR) ब्राउज़र, फर्जी आईपी एड्रेस और वीपीएन (VPN) जैसी तकनीकें शामिल थीं, ताकि वे अपनी डिजिटल पहचान छुपा सकें।

सबसे खतरनाक बात यह रही कि हैंडलर्स की मांग पर इन नाबालिगों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़े नक्शों की क्लिपिंग उन्हें भेज दी। ब्रेनवॉशिंग का असर इतना गहरा था कि ये बच्चे हथियार उठाने तक के लिए तैयार हो गए थे।

जांच में यह भी सामने आया कि पकड़े गए किशोरों में से एक का पिता CRPF में जवान है, जबकि दूसरे का पिता ऑटो चालक। ATS ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यूएपीए-1967 (UAPA) के तहत FIR दर्ज की है।

फिलहाल दोनों नाबालिग ATS के कब्जे में हैं और भिलाई के चार अन्य नाबालिगों से भी पूछताछ जारी है, ताकि इस आतंकी नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचा जा सके।

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