कंचन सेंद्रे के नेतृत्व में ट्रांसजेंडर समुदाय का दिल्ली कूचजंतर-मंतर पर गूंजेगी विरोध की आवाज

  • ट्रांसजेंडर बिल के प्रावधानों के खिलाफ दुर्ग-भिलाई से 20 सदस्यीय टीम रवाना
  • आत्मसम्मान और पहचान की रक्षा की मांग

भिलाई/दुर्ग, केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पारित ट्रांसजेंडर बिल को लेकर देशभर के उभयलिंगी समुदाय में भारी आक्रोश है। इसी विरोध की कड़ी में छत्तीसगढ़ की जानी-मानी ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट कंचन सेंद्रे के नेतृत्व में दुर्ग-भिलाई क्षेत्र से 20 सदस्यीय दल दिल्ली के लिए रवाना हुआ है। यह दल 6 अप्रैल को देश की राजधानी स्थित जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले विशाल विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करेगा।

बिल के प्रावधानों पर उठ रहे सवाल

रवाना होने से पूर्व कंचन सेंद्रे ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान स्वरूप में यह बिल ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों, आत्मसम्मान और स्वतंत्र पहचान के लिए बड़ी चुनौती पेश करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिल के कई प्रावधान समुदाय की स्वायत्तता को सीमित करते हैं, जिससे उनके सामाजिक और आर्थिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना तय है।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जरिए संशोधन की मांग

दल में ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ समाज के वे सहयोगी भी शामिल हैं जो लंबे समय से इनके अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कंचन सेंद्रे ने स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर पर होने वाला प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा। उनकी मुख्य मांग है कि सरकार इस बिल में आवश्यक संशोधन करे और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की वास्तविक जरूरतों व जमीनी हकीकत को ध्यान में रखते हुए नीतियां बनाए।

दिल्ली पहुंचे कार्यकर्ता, जनसंवाद शुरू

दिल्ली पहुंचने के बाद टीम ने जंतर-मंतर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। वहां मौजूद देश के अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर टीम इस बिल से होने वाले संभावित नुकसानों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा कर रही है। छत्तीसगढ़ से गया यह दल पूरे देश के सामने राज्य के ट्रांसजेंडर समुदाय की चिंताओं को प्रमुखता से रखेगा।

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