दुर्ग | निज प्रतिनिधि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना अब दुर्ग जिले के ग्रामीणों के लिए गले की हड्डी बनती जा रही है। परियोजना के तहत बन रहे अंडरब्रिज की कम ऊंचाई के विरोध में सोमवार को ग्राम थनोद सहित चार गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया और चक्काजाम कर दिया।
4 मीटर की ऊंचाई पर अड़ा विवाद
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माणाधीन अंडरब्रिज की ऊंचाई महज 4 मीटर रखी गई है। किसानों का कहना है कि इतनी कम ऊंचाई से ट्रैक्टर-ट्रॉली, कंबाइन हार्वेस्टर और अन्य बड़े कृषि वाहनों का निकलना असंभव है। इसके अलावा, क्षेत्र में मूर्तियों के परिवहन में भी भारी दिक्कतें आएंगी। ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि अंडरब्रिज की ऊंचाई कम से कम 5.5 मीटर की जाए और नाले पर पृथक ब्रिज का निर्माण हो।

दो साल से अनसुनी, अब आर-पार की जंग
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे बीते दो वर्षों से प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। इसी के विरोध में 11 मार्च से ग्रामीण अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे। प्रशासन की बेरुखी से नाराज होकर आज ग्रामीणों ने चक्काजाम का रास्ता चुना। मौके पर पहुंचे एसडीएम (SDM) और प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाइश की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे।

28 मार्च को महा-आंदोलन का अल्टीमेटम
ग्रामीणों ने प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ठोस और लिखित आदेश जारी नहीं हुआ, तो आगामी 28 मार्च को राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) पर चक्काजाम किया जाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि इस दौरान होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति या यातायात बाधा की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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