नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति को लेकर चल रही चिंताओं के बीच देश में एक बार फिर लॉकडाउन की चर्चा शुरू हो गई है। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर कई लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या भारत में फिर से लॉकडाउन लग सकता है। हालांकि फिलहाल ऐसी किसी भी संभावना से सरकार ने इनकार किया है।
प्रधानमंत्री के बयान के बाद बढ़ी चर्चा
हाल ही में संसद में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने वैश्विक परिस्थितियों पर बोलते हुए कोरोना काल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत ने पहले भी कठिन अंतरराष्ट्रीय हालात का सामना एकजुट होकर किया है और भविष्य में भी देश धैर्य और समझदारी के साथ चुनौतियों से निपटेगा। प्रधानमंत्री के इस बयान को सोशल मीडिया पर अलग-अलग संदर्भों में साझा किया जा रहा है, जिसके बाद लॉकडाउन को लेकर अटकलें बढ़ गईं।
इंटरनेट पर क्यों बढ़ी खोज
दरअसल, 24 मार्च 2020 को लागू हुए COVID-19 Lockdown in India 2020 को कई साल पूरे होने के कारण भी यह विषय फिर चर्चा में आ गया है। इसके साथ ही संसद में उस दौर का जिक्र होने और मौजूदा वैश्विक हालात की तुलना किए जाने से लोगों के मन में सवाल उठने लगे।
क्या युद्ध जैसी स्थिति से लॉकडाउन लगेगा?
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव, खासकर Iran और United States के बीच बढ़ती तनातनी के बावजूद भारत में लॉकडाउन जैसी स्थिति नहीं बन रही है। कोरोना महामारी के समय लॉकडाउन स्वास्थ्य आपातकाल के कारण लागू किया गया था, जबकि वर्तमान हालात मुख्य रूप से ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़े हैं।
ऊर्जा आपूर्ति को लेकर तैयारी
सरकार का कहना है कि तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए पहले से ही कई एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। एलपीजी की उपलब्धता बढ़ाने, जमाखोरी पर नजर रखने और ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को मजबूत करने पर भी काम किया जा रहा है।
अफवाहों से बचने की सलाह
हालांकि सोशल मीडिया पर लॉकडाउन को लेकर चर्चाएं जारी हैं, लेकिन सरकार की ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं दिया गया है। मौजूदा परिस्थितियों में देश में लॉकडाउन लागू होने की संभावना नहीं बताई गई है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की जा रही है।