उत्तराखंड | उत्तराखंड के चमोली ज़िले में बुधवार देर रात बादल फटने और मूसलाधार बारिश से भारी तबाही मच गई। नंदानगर तहसील के तीन गाँव—कुंतरी लगाफाली, सरपाणी और धुर्मा—सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं। अचानक आई बाढ़ और मलबे से कई मकान ढह गए और खेत-खलिहान पूरी तरह नष्ट हो गए।
प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, कुंतरी लगाफाली में छह घर मलबे में दब गए और आठ लोग लापता हैं। धुर्मा गाँव में पाँच मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और दो लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि सरपाणी गाँव में भी भारी नुकसान की सूचना है। कई मवेशियों के बह जाने की भी आशंका है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुट गईं। एसडीआरएफ की एक टीम नंदप्रयाग पहुँच चुकी है, जबकि एनडीआरएफ की टीम गोचर से रवाना की गई है। मौके पर मेडिकल टीमें तैनात हैं और तीन 108 एम्बुलेंसों को तैयार रखा गया है ताकि घायलों को तत्काल उपचार मिल सके।
स्थानीय निवासियों के अनुसार हादसा रात में हुआ, जब अधिकतर लोग सो रहे थे। मलबा इतनी तेज़ी से आया कि संभलने का मौका ही नहीं मिला। प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को खोजने और प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की है, जबकि नुकसान का पूरा आकलन बाद में किया जाएगा।
उधर मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी, चंबा, मसूरी, ऋषिकेश और धनोल्टी समेत कई ज़िलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है और लोगों से सतर्क रहने व अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।