दुर्ग । शासकीय डॉ. वामन वासुदेव पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर यूथ रेडक्रॉस इकाई द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रंजना श्रीवास्तव के निर्देशन में संपन्न हुआ।कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. निशा गोस्वामी (कंसल्टेंट फिजियोथेरेपिस्ट, दुर्ग) ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानसिक आरोग्य हमारे सोचने, महसूस करने और व्यवहार करने के तरीके से जुड़ा एक भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कल्याण का पहलू है।
इसके अलावा भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. सुषमा यादव ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य वह स्थिति है जो यह निर्धारित करती है कि व्यक्ति कैसे सोचता है, महसूस करता है और परिस्थितियों के अनुसार कैसे प्रतिक्रिया करता है।इस दौरान डॉ. रेशमा लाकेश प्रभारी प्राध्यापक, ने इस वर्ष की थीम “स्वस्थ शुरुआत, आशापूर्ण भविष्य” की जानकारी देते हुए बताया कि विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर जागरूकता फैलाना, समर्थन बढ़ाना, उन्होंने यह भी कहा कि यह दिन हमें याद दिलाता है कि मानसिक स्वास्थ्य वर्ष के सभी 365 दिनों में महत्वपूर्ण है, लेकिन 10 अक्टूबर एक विशेष दिन है जो सभी को इस विषय पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर प्रदान करता है।

डॉ. मिलिंद अमृतफले, विभागाध्यक्ष, संगीत ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने से व्यक्ति को अपने जीवन में लचीलापन और संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है, चाहे वह घर हो, विद्यालय हो या कार्यस्थल ।
डॉ. मोनिया राकेश सिंह, विभागाध्यक्ष, समाजशास्त्र ने मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति की विशेषताएँ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसा व्यक्ति आत्म-समझ से परिपूर्ण होता है, अपनी भावनाओं को नियंत्रित कर सकता है, दूसरों के साथ मजबूत संबंध बना सकता है, जीवन की कठिनाइयों का सामना कर सकता है तथा अपने जीवन में उद्देश्य और संतोष की भावना रखता है।
तबस्सुम ने मानसिक स्वास्थ्य को सोचने, व्यवहार करने और भावनाओं को नियंत्रित करने की क्षमता का समग्र कल्याण बताया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सीमा कालरा ने किया तथा जागृत ठाकुर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।इस अवसर पर डॉ. दीपक कश्यप, डॉ. अनामिका वस्वकार, डॉ. कमलेश चेलक, डॉ. चाँदनी अफसाना, डॉ. वैभव शंकर सोनी, नितिन देवांगन, कु. श्रद्धा वर्मा, कु. प्रियंका बारला, कु. रश्मि नौरंगे, अरविन्द लोखण्डे एवं बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित थी।