पटना | बिहार में नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर सूबे की राजनीति में नया अध्याय जोड़ दिया है। पटना के गांधी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी के बीच कुल 26 मंत्रियों ने शपथ ली। खास बात यह रही कि नए मंत्रिमंडल में तीन महिलाओं को जगह दी गई है, जो कुल मंत्रिमंडल का 11 फीसदी हिस्सा हैं। महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कैबिनेट में जगह पाने वाली तीन मजबूत महिला चेहरे
1. लेशी सिंह (जेडीयू)
धमदाहा सीट से लगातार छह बार जीत दर्ज करने वाली लेशी सिंह पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर भरोसा जताया है। पिछली सरकार में वे खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री थीं। इस बार भी उन्होंने आरजेडी के संतोष कुमार को 55,159 वोट के भारी अंतर से हराकर अपनी राजनीतिक पकड़ साबित की।
2. श्रेयसी सिंह (बीजेपी)
जमुई की विधायक और पूर्व निशानेबाज श्रेयसी सिंह पहली बार मंत्री बनी हैं। उन्होंने आरजेडी के मोहम्मद शमशाद आलम को 54,498 वोट से हराते हुए जोरदार जीत दर्ज की। भाजपा की युवा और लोकप्रिय चेहरा होने के नाते उनकी कैबिनेट में एंट्री को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
3. रमा निषाद (बीजेपी)
औराई सीट से विजयी रमा निषाद भी नई कैबिनेट में शामिल की गई हैं। वे पूर्व भाजपा सांसद अजय निषाद की पत्नी हैं। रमा निषाद ने वीआईपी के भोगेंद्र सहनी को 54,000 वोट से हराकर विधानसभा में प्रवेश किया। यह उनकी राजनीति में मजबूत शुरुआत मानी जा रही है।
महिला मतदाताओं ने बदला चुनावी समीकरण
इस बार बिहार में रिकॉर्ड मतदान हुआ, जिसमें महिला मतदाताओं ने पुरुषों से अधिक संख्या में हिस्सा लिया। महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी ने चुनावी नतीजों पर निर्णायक प्रभाव डाला।
नीतीश सरकार की महिलाकेंद्रित योजनाएँ—जैसे जीविका समूह, आर्थिक सशक्तिकरण कार्यक्रम और “दीदियों” के लिए चलाए गए विशेष अभियान—महिलाओं के बीच बेहद लोकप्रिय रहे। माना जा रहा है कि एनडीए को मिली 202 सीटों की अभूतपूर्व जीत में महिला मतदाताओं का समर्थन बड़ी वजह रहा।