नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ को स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य की ऊर्जा क्षमता और ग्रीन एनर्जी से जुड़ी संभावनाओं को प्रस्तुत करने जा रहे हैं। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 में उनकी भागीदारी को छत्तीसगढ़ में निवेश के नए अवसर तलाशने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
2 से 5 नवंबर तक आयोजित इस वैश्विक आयोजन में 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। सोमवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भारत मंडपम पहुंचे। इस दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों के बीच राउंड टेबल चर्चा भी प्रस्तावित है।
पारंपरिक ऊर्जा के साथ ग्रीन एनर्जी पर भी नजर
समिट में मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक संसाधनों, सौर ऊर्जा की संभावनाओं और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़ी योजनाओं को सामने रखेंगे। राज्य में ऊर्जा अधोसंरचना के आधुनिकीकरण और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की रणनीति भी चर्चा का हिस्सा होगी।
राज्य सरकार की मंशा छत्तीसगढ़ को पारंपरिक ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी मजबूत केंद्र के रूप में विकसित करने की है। इसके लिए नई परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने और आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
निवेश से औद्योगिक विकास और रोजगार को मिलेगी गति
अंतरराष्ट्रीय समिट के दौरान मुख्यमंत्री देश-विदेश के निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। उन्हें छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी संभावनाओं, उपलब्ध संसाधनों और निवेश के अवसरों से अवगत कराया जाएगा।
सरकार का प्रयास है कि ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में होने वाला निवेश केवल बिजली उत्पादन तक सीमित न रहे, बल्कि इससे उद्योगों का विस्तार, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर और नई तकनीकों का विकास भी हो। ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ने से राज्य की औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ की क्षमता दिखाने का अवसर
130 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी वाला यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए अपनी ऊर्जा नीति और भविष्य की योजनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का बड़ा अवसर है। राज्य सरकार इस मंच के जरिए संभावित निवेशकों और ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों का ध्यान आकर्षित करना चाहती है।
अब इस समिट पर नजर रहेगी कि मुख्यमंत्री की प्रस्तुतियों और निवेशकों के साथ होने वाली चर्चाओं से छत्तीसगढ़ के ग्रीन एनर्जी सेक्टर के लिए कितने नए अवसर सामने आते हैं।