दक्षिण 24 परगना (पश्चिम बंगाल): भांगड़ इलाके में भारी मात्रा में कच्चे बम मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है। गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद एनआईए ने केस अपने हाथ में लेते हुए पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है और इसे संभावित आतंकी साजिश के एंगल से भी खंगाला जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, यह मामला उत्तर काशीपुर थाना क्षेत्र का है, जहां 25 अप्रैल 2026 को कोलकाता पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में एक कब्रिस्तान के पास स्थित एक घर से 79 गोल आकार के कच्चे बम बरामद किए गए। ये बम जूट की रस्सियों में लपेटकर छिपाकर रखे गए थे। मौके से बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी बरामद हुई है।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इन विस्फोटकों को किसी बड़ी और सुनियोजित वारदात के लिए जमा किया गया था, जिसका उद्देश्य इलाके में दहशत फैलाना हो सकता है। इसी आधार पर अब एनआईए इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है कि इसके पीछे कौन लोग हैं और इनकी फंडिंग कहां से हो रही थी।
गौरतलब है कि मार्च 2026 में भी इसी इलाके में बम विस्फोट की घटना हुई थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसके बाद से भांगड़ क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही अलर्ट पर थीं।
इसी बीच चेलेगोयलिया इलाके से एक और मामला सामने आया, जहां एक टीएमसी कार्यकर्ता के घर के पीछे बगीचे से 9 जिंदा बम बरामद किए गए। इस घटना के बाद राजनीतिक तनाव भी बढ़ गया है। आईएसएफ ने टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि टीएमसी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है।
फिलहाल पूरे इलाके में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और बम निरोधक दस्ता लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहा है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।