रायपुर | हितग्राहियों को विस्तृत जानकारी देने तथा आपसी समन्वय बेहतर करने के उद्देश्य से बुधवार को बलौदाबाजार जिला पंचायत सभाकक्ष में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना हितग्राही परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस परिचर्चा में जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, कलेक्टर दीपक सोनी सहित सीएसपीडीसीएल के अधिकारी, वेंडर एवं हितग्राही शामिल हुए।
कलेक्टर दीपक सोनी ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को जनहितैषी एवं पर्यावरण संरक्षण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने वाली योजना बताते हुए अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ दिलाने कहा। उन्होंने सीएसपीडीसीएल के इंजीनियरों को निर्देश दिया कि सोलर पैनल वेंडरों एवं हितग्राहियों से निरंतर संपर्क स्थापित करें और कहीं भी किसी प्रकार की समस्या आती है तो उसका उचित निराकरण करें।
उन्होंने सोलर पैनल स्थापित करने वाले वेंडरों की रैंकिंग सूची बनाने को कहा ताकि लोगों को पता चल सके कि किस वेंडर द्वारा बेहतर कार्य किया जा रहा है। साथ ही अच्छा काम करने वाले वेंडरों को सम्मानित करने की भी बात कही।इस दौरान कलेक्टर ने वेंडरों से उनकी समस्याएं और सुझाव सुने तथा अधिकारियों को उनके उचित निराकरण के निर्देश दिए।
उन्होंने लोन लेने के इच्छुक हितग्राहियों को बैंक से लोन प्राप्त करने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए लीड बैंक मैनेजर को बैंकों से आवश्यक समन्वय करने के निर्देश दिए।कार्यक्रम में कुछ हितग्राहियों ने अपने अनुभव साझा किए। बलौदाबाजार के नीलकंठ साहू ने बताया कि लगभग तीन माह पहले उन्होंने योजना के तहत अपने घर में सोलर पैनल लगवाया है।
पहले उन्हें 1500 से 1700 रुपये तक बिजली बिल देना पड़ता था, लेकिन अब मुश्किल से 50-60 रुपये ही आ रहा है। इसी तरह भुवन सिंह ठाकुर ने बताया कि पहले 3500 रुपये बिजली बिल आता था, लेकिन अब बहुत कम हो गया है।
बताया गया कि जिले को योजना के तहत 12,000 हितग्राहियों के घरों में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य मिला है, जिसके विरुद्ध अब तक 1,700 आवेदन प्राप्त हुए हैं और 331 हितग्राहियों के घरों में सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं। योजना के तहत उपभोक्ताओं को आकर्षक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है — केंद्र सरकार एक किलोवाट सोलर सिस्टम पर 30 हजार, दो किलोवाट पर 60 हजार तथा तीन से दस किलोवाट तक के संयंत्र पर अधिकतम 78 हजार रुपये की सब्सिडी दे रही है।
इसके साथ ही छत्तीसगढ़ शासन ने भी उपभोक्ताओं को अतिरिक्त 30 हजार रुपये की सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। इस प्रकार तीन किलोवाट तक के संयंत्र पर केंद्र की 78 हजार और राज्य की 30 हजार रुपये की दोहरी सब्सिडी उपलब्ध है।
योजना को और सुगम बनाने के लिए 20 से अधिक बैंक और वित्तीय संस्थान छह से सात प्रतिशत की ब्याज दर पर सोलर लोन भी उपलब्ध करा रहे हैं, जिसके अंतर्गत परियोजना लागत का 90 प्रतिशत तक वित्तपोषण संभव है।