रायगढ़। जिले में केंद्र और राज्य सरकार के शासकीय विभागों में बिजली बिल का बकाया लगातार बढ़ रहा है। विद्युत विभाग ने बकाया वसूलने के लिए बड़े बकायेदारों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है, जबकि छोटे बिल वाले उपभोक्ताओं से समय पर बिल जमा कराने के लिए अपील की जा रही है। अगस्त तक विभाग को लगभग 139 करोड़ रुपये की वसूली करनी है।
शासकीय विभागों का बकाया
अधिकारियों के अनुसार कई विभाग पिछले छह महीनों से बिल जमा नहीं कर पा रहे हैं, जिससे बकाया लगातार बढ़ रहा है। सबसे अधिक बकाया नगरीय निकायों पर है। रायगढ़ सर्किल के जोन-1 और जोन-2 में सरकारी विभागों के बड़े बकायेदारों की सूची लंबी है। कई विभाग फंड की कमी का हवाला देते हुए समय पर बिल नहीं जमा कर पा रहे हैं।
विद्युत विभाग के आंकड़ों के अनुसार बकाया राशि इस प्रकार है (लाख में):
- ग्राम पंचायत नल जल: 2236.49
- ग्राम पंचायत सड़क बत्ती: 207.90
- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (अन्य): 85.91
- नगरीय निकाय नल जल (निगम, पालिका, नगर पंचायत): 6786.16
- नगरीय निकाय सड़क बत्ती: 2737.91
- नगरीय निकाय अन्य: 331.96
- महिला एवं बाल विकास विभाग: 238.91
- स्कूल शिक्षा विभाग और अन्य कई विभाग करोड़ों के बकाएदार
केंद्र शासित विभागों जैसे रेलवे, एफसीआई, डाक विभाग, आयकर विभाग, एलआईसी, माइनिंग विभाग पर भी करोड़ों रुपए का बकाया है।
नोटिस और वसूली अभियान
विद्युत विभाग शासकीय विभागों से वसूली के लिए लगातार नोटिस जारी कर रहा है, लेकिन अब तक ज्यादा सफलता नहीं मिली है। विभाग का कहना है कि जब तक शासन से आवश्यक फंड आबंटन नहीं होगा, तब तक बकाया वसूल करना मुश्किल है।
आम उपभोक्ताओं पर कार्रवाई
जिले में आम उपभोक्ताओं के भी कई बिल लंबित हैं। 1 लाख रुपये से अधिक बकाएदारों पर लगभग 1.5 करोड़ रुपये बकाया है, जबकि 50 हजार से 1 लाख रुपये के बीच लगभग 9 करोड़ रुपये वसूलने हैं। विद्युत विभाग ने अब 50 हजार रुपये से अधिक बकाएदारों के कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू कर दी है। ग्रामीण उपभोक्ताओं का कहना है कि धान की फसल के पैसे आने के बाद बिल जमा करेंगे, इसलिए विभाग ने इस वर्ग पर थोड़ी नरमी बरती है।
चोरी बिजली पर सख्ती
विद्युत विभाग लगातार लाइन कटिंग और चोरी बिजली की निगरानी कर रहा है। अगर कोई चोरी करते पाया जाता है तो तुरंत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली बिल वसूली अभियान में शासकीय विभाग और आम उपभोक्ताओं दोनों को कवर किया जा रहा है, ताकि बकाया राशि समय पर जमा हो और बिजली आपूर्ति सुचारू बनी रहे।