भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई जिले में फार्मेसी में एडमिशन दिलाने और डिग्री दिलाने के नाम पर 4.8 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायतकर्ता नितिश कुमार राजपूत की शिकायत पर आरोपी भिलाई के फांसिस के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फर्जी डिग्री का खेल
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने रिलायबल एजुकेशन सेंटर नाम से संस्था चलाते हुए दूरस्थ शिक्षा और अन्य माध्यम से विभिन्न कोर्स करवाने का दावा किया। नितिश के बड़े भाई राकेशसिंह राजपूत को डी. फार्मेसी में दाखिला दिलवाने के बहाने आरोपी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय में प्रवेश करवा देगा।
किस्तों में ली राशि
राकेशसिंह ने आरोपी पर भरोसा कर अलग-अलग किस्तों में कुल 4,80,000 रुपए दे दिए। आरोपी ने छत्रपति शाहुजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर से जारी डी. फार्मेसी के द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ सेमेस्टर की मार्कशीट भी प्रदान की, जो जांच में फर्जी साबित हुई।
पैसा नहीं लौटाया
जब ठगी का पता चला और शिकायत की गई, तो आरोपी ने पैसे लौटाने का वादा किया और चेक भी दिया, लेकिन वह बाउंस हो गया। इसके बाद भी राशि वसूल नहीं हो सकी, जिसके कारण पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
यह मामला शिक्षा और रोजगार के नाम पर बढ़ती ठगी की चेतावनी भी पेश करता है, खासकर ऐसे लोगों के लिए जो फर्जी संस्थानों के झांसे में आ सकते हैं।