दुर्ग । शासकीय डॉ. वा. वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग में प्राचार्य डॉ. रंजना श्रीवास्तव के दिशा-निर्देशन में आयोजित होने वाले ‘क्रियेटिव कॉर्नर’ कार्यक्रम में नवाचार और रचनात्मकता की अनूठी झलक देखने को मिली। इस विशेष आयोजन में गृहविज्ञान एवं मनोविज्ञान विभागों की छात्राओं ने अपने कौशल और उद्यमिता की प्रस्तुति दी।
प्राचार्य डॉ. रंजना श्रीवास्तव ने इस पहल को उत्साहवर्द्धक बताया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। कार्यक्रम की प्रभारी डॉ. रेशमा लाकेश ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा, “जब शौक को अपना काम बना लिया जाए, तो काम करने का आनंद दोगुना हो जाता है। छात्राओं ने अपने जुनून को अपना कॅरियर बनाया है।”

गृहविज्ञान विभाग की छात्राओं ने फैशन डिजाइन, ब्यूटी, आर्ट फूड, मेकअप, हेयर स्टाइल, मेहंदी, कैंडल मेकिंग, क्राफ्ट मेकिंग और ज्वेलरी डिजाइन जैसे क्षेत्रों में अपने शौक को स्टार्ट-अप में बदल दिया है। कई छात्राएं पढ़ाई पूरी होने से पहले ही अपना व्यवसाय शुरू कर चुकी हैं। महाविद्यालय का स्किल डेवलपमेंट सेल, स्टार्ट-अप और इनोवेशन सेल छात्राओं को लगातार मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है।
मनोविज्ञान विभाग की छात्राओं ने भी इस अवसर पर आकर्षक प्रस्तुति दी, जिसमें उन्होंने विभिन्न मनोवैज्ञानिक समस्याओं को रचनात्मक रूप से दर्शाया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भारतीय वस्त्र एवं कशीदाकारी पर आधारित रैंप वॉक (रैम्पोंक) रहा, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
डॉ. लाकेश ने बताया कि युवा अतिथि व्याख्याता डॉ. वैभवशंकर सोनी, दीपक ठाकुर, तब्बसुम अली, डॉ. तोषिना तैलंग, डॉ. सीमा कालरा और डॉ. अनामिका वस्त्रकार लगातार छात्राओं का मार्गदर्शन कर रहे हैं और उन्हें नवाचार के लिए प्रेरित कर रहे हैं।