- न्यायाधीशों और कर्मचारियों की शारीरिक-मानसिक सुदृढ़ता और सौहार्द बढ़ाने के लिए अनूठी पहल
दुर्ग : सर्वोच्च न्यायालय और छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के ‘स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता’ संदेश से प्रेरित होकर जिला न्यायालय दुर्ग द्वारा जिला स्तरीय ‘स्पोर्ट्स मीट’ का भव्य आयोजन किया गया। इस खेल महोत्सव का उद्देश्य न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के भीतर शारीरिक और मानसिक मजबूती के साथ-साथ आपसी एकता, ऊर्जा और सौहार्द की भावना को विकसित करना था।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने किया शुभारंभ
कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कर-कमलों द्वारा किया गया। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर खेल स्पर्धाओं की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि न्यायिक कार्यों की व्यस्तता के बीच खेल गतिविधियाँ मानसिक तनाव को कम करने और कार्यक्षमता बढ़ाने में संजीवनी का कार्य करती हैं।

विविध खेल प्रतियोगिताओं में दिखा उत्साह
स्पोर्ट्स मीट के दौरान बैडमिंटन, कैरम, शतरंज और टेबल टेनिस जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। मैदान और बोर्ड पर प्रतिभागियों ने न केवल अपनी खेल प्रतिभा दिखाई, बल्कि अनुशासन और टीम भावना का भी उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया। खिलाड़ियों के साथ-साथ वहां उपस्थित दर्शकों और अन्य स्टाफ में भी भारी उत्साह देखने को मिला।
स्वास्थ्य और सकारात्मक सोच पर जोर
इस अवसर पर उपस्थित माननीय न्यायाधीशों ने खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नियमित खेल गतिविधियाँ सकारात्मक सोच और समन्वय के निर्माण में सहायक होती हैं। इससे न्यायालयीन कार्यों में भी आपसी सहयोग और सौहार्दपूर्ण वातावरण निर्मित होता है।
सफल रहा आयोजन
स्पोर्ट्स मीट के सफल संचालन में आयोजन समिति, न्यायालयीन स्टाफ और स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सहित समस्त न्यायाधीशगण और बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला न्यायालय दुर्ग का यह प्रयास न केवल स्वास्थ्यवर्धक रहा, बल्कि सभी के लिए एक प्रेरणादायी अनुभव सिद्ध हुआ।