Bitter Gourd Benefits: करेला भले ही स्वाद में कड़वा हो, लेकिन सेहत के लिहाज से इसे किसी वरदान से कम नहीं माना जाता। आयुर्वेद में करेला शरीर को रोगों से बचाने वाला प्रभावशाली खाद्य माना गया है। इसमें आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम, विटामिन C, विटामिन B कॉम्प्लेक्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यही वजह है कि करेला हार्ट, लिवर, पेट से लेकर इम्यून सिस्टम तक को मजबूत बनाने में मदद करता है।
नियमित रूप से करेला खाने या उसका जूस पीने से कई गंभीर और सामान्य बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। आइए जानते हैं करेला शरीर को कैसे फायदा पहुंचाता है।
डायबिटीज कंट्रोल करने में असरदार
करेले में मौजूद प्राकृतिक कंपाउंड्स शरीर में इंसुलिन की तरह काम करते हैं। इससे ब्लड शुगर लेवल धीरे-धीरे नियंत्रित होने लगता है। डायबिटीज मरीजों के लिए करेला एक नेचुरल विकल्प माना जाता है।
पाचन तंत्र को रखता है दुरुस्त
करेले में पाया जाने वाला फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं। यह कब्ज, गैस, एसिडिटी और अपच की समस्या से राहत दिलाने में मदद करता है। साथ ही लिवर की कार्यक्षमता को बढ़ाकर शरीर की सफाई में सहयोग करता है।

वजन घटाने में सहायक
लो कैलोरी और हाई फाइबर होने की वजह से करेला वजन कम करने वालों के लिए फायदेमंद है। यह लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे ओवरईटिंग नहीं होती और मेटाबॉलिज्म बेहतर रहता है।
इम्यूनिटी को बनाए मजबूत
करेले में मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं। इससे सर्दी-खांसी, वायरल इंफेक्शन और अन्य बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है।
दिल की सेहत के लिए लाभकारी
करेला कोलेस्ट्रॉल लेवल को संतुलित रखने में मदद करता है। यह धमनियों में गंदगी जमा होने से रोकता है, जिससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है और हार्ट डिजीज का खतरा कम होता है।
त्वचा को बनाता है साफ और चमकदार
करेले में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स को खत्म करते हैं, जिससे स्किन एलर्जी, पिंपल्स और दाग-धब्बों की समस्या कम होती है। करेला जूस का नियमित सेवन त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग बना सकता है।
लिवर को रखता है हेल्दी
करेला लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। यह फैटी लिवर, पीलिया और अन्य लिवर संबंधी समस्याओं से बचाव में सहायक माना जाता है।
कैंसर के खतरे को कम करने में मदद
करेले में पाए जाने वाले फाइटोकेमिकल्स शरीर में कैंसर कोशिकाओं की बढ़त को रोकने में मदद कर सकते हैं। कुछ शोधों के अनुसार यह ब्रेस्ट, लिवर और कोलोन कैंसर के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक मान्यताओं पर आधारित है। किसी भी बीमारी में करेला को औषधि के रूप में इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।