International Yoga Day : विश्व योग दिवस के नजदीक आते ही आयुष मंत्रालय ने लोगों को योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित करना शुरू कर दिया है। मंत्रालय ने खास तौर पर भुजंगासन (कोबरा पोज) को रोजाना अभ्यास में लाने की सलाह दी है, जिससे कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याओं में राहत मिल सकती है।
आयुष विशेषज्ञों के मुताबिक, भुजंगासन एक सरल लेकिन बेहद प्रभावी बैकबेंड योगासन है, जो लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों के लिए काफी उपयोगी माना जाता है। यह रीढ़ की हड्डी को सक्रिय करता है और शरीर की जकड़न को कम करने में मदद करता है।
इस आसन के नियमित अभ्यास से पाचन तंत्र बेहतर होता है, जिससे कब्ज जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है। साथ ही यह पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करता है, जिससे पेट की अतिरिक्त चर्बी कम करने में भी सहायता मिलती है।
योग विशेषज्ञों का कहना है कि भुजंगासन छाती को खोलता है और फेफड़ों की क्षमता को बेहतर बनाता है। इससे सांस लेने की प्रक्रिया सुधरती है और हल्की सांस संबंधी परेशानियों में भी फायदा मिल सकता है। इसके अलावा यह मानसिक तनाव और थकान को कम करने में भी सहायक माना जाता है।
यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और पीठ दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है। खासकर वे लोग जो लंबे समय तक डेस्क जॉब करते हैं, उनके लिए यह आसन बेहद लाभकारी माना जा रहा है।
भुजंगासन करने के लिए पेट के बल लेटना होता है, फिर हथेलियों को कंधों के पास रखते हुए धीरे-धीरे छाती को ऊपर उठाया जाता है। इस स्थिति को कुछ सेकंड तक बनाए रखने के बाद धीरे-धीरे वापस सामान्य अवस्था में आना होता है। शुरुआत में इसे सीमित समय और कम बार करने की सलाह दी जाती है।
आयुष मंत्रालय ने अपील की है कि लोग रोजाना कुछ समय योग के लिए जरूर निकालें, ताकि शरीर और मन दोनों स्वस्थ रह सकें। हालांकि, गंभीर स्वास्थ्य समस्या या हाल ही में सर्जरी कराने वाले लोगों को यह आसन करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए।