सांसद की अध्यक्षता मेें दिशा समिति की बैठक संपन्न
दुर्ग, 06 मई।लोकसभा सांसद विजय बघेल की अध्यक्षता में बुधवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सांसद बघेल ने निर्देशित किया कि जिले में राज्य और केन्द्र शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो और योजनाओं से हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएं। सांसद बघेल ने क्षेत्र के समग्र विकास, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने अधिक से अधिक पौधारोपण करने पर जोर देते हुए “एक पेड़ मां के नाम” और “एक सोखता संतान के नाम” अभियान के तहत व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जल संवर्धन को भी बढ़ावा मिल सके।
सांसद ने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले मकानों में पौधारोपण को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही नगरीय निकायों में बिल्डिंग परमिशन देते समय रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य रूप से प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने नगरीय निकायों के आयुक्तों को स्वयं क्षेत्र में जाकर कार्यों का निरीक्षण करने को कहा। साथ ही ग्राम पंचायतों में भी इस दिशा में गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। मनरेगा के तहत प्रत्येक गांव में काम शुरू करने तथा राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत दिए जा रहे प्रशिक्षण की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। जल जीवन मिशन के तहत हर घर में जल आपूर्ति सुनिश्चित करने पर बल देते हुए अधिकारियों ने बताया कि निकुम, जेवरा-सिरसाखुर्द-भटगांव, चंदखुरी-कोलिहापुरी-पीसेगांव, अंजोरा-ढाबा, मोतीमपुर, ओदरागहन-सुरपा एवं कौही-रानीतराई समूह जलप्रदाय योजनाओं पर कार्य जारी है। सांसद ने लोगों को शुद्ध पेयजल जैसी समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए प्रमुखता से क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग करने को कहा।

सांसद बघेल ने कृषि कार्यों को ध्यान में रखते हुए समय पर खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय पशुरोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत बारिश से पहले पशुओं का टीकाकरण गांव-गांव में शिविर लगाकर प्राथमिकता से करने को कहा। इसके अलावा राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत निर्माण कार्यों का नियमित निरीक्षण करने तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत जर्जर सड़कों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सुधारने के निर्देश भी दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को खराब सड़कों का निरीक्षण कर शीघ्र सुधार कार्य सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास, सांसद आदर्श ग्राम योजना, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण 1.0 एवं 2.0, अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन 2.0, जल जीवन मिशन, पशुपालन, स्वास्थ्य विभाग, स्वच्छ भारत मिशन, समग्र शिक्षा, राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित विभिन्न योजनाओं की उपलब्धियों की जानकारी दी।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत बजरंग दुबे ने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 28 फरवरी 2026 तक निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 100 प्रतिशत मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं। वहीं मार्च 2026 से मई 2026 तक 65 प्रतिशत मानव दिवस उपलब्ध कराए गए हैं। सांसद श्री बघेल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शेष अवधि में कार्यों में और तेजी लाई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सके। उन्होंने प्रत्येक गांव में मनरेगा के तहत कार्य प्रारंभ करने और जरूरतमंदों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
जिले में 1550 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित है, जिनमें से 1171 आंगनबाड़ी केन्द्रों हेतु स्वयं के भवन में संचालित है। पीएम केयर्स चिल्ड्रन योजना अंतर्गत जिले में 17 बच्चे चिन्हांकित है जिन्हें योजना के तहत लाभान्वित किया जा रहा है। स्पान्सरशिप योजना अंतर्गत बच्चों को शिक्षा प्रदाय किए जाने प्रतिमाह चार हजार रूपए दिए जा रहे हैं। इस योजना के तहत जिले में 62 बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है।
इस दौरान कलेक्टर अभिजीत सिंह ने सांसद द्वारा दिए गए निर्देशों का परिपालन सुनिश्चित कर जिले में योजनाओं का कारगर क्रियान्वयन किये जाने आश्वस्त किया। वहीं इस दिशा में आवश्यक पहल करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक के दौरान आयुक्त नगर निगम दुर्ग सुमित अग्रवाल, आयुक्त नगर निगम रिसाली मोनिका वर्मा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कुलेश्वरी देवांगन, जनपद पंचायत सदस्यगण, समिति के सदस्य सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।