नगर निगम दुर्ग की सख्त कार्रवाई,पीएम आवास योजना में लापरवाही पर ठेका एजेंसी का अनुबंध निरस्त

दुर्ग | 11 मई  नगर पालिक निगम दुर्ग ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत चल रही आवासीय परियोजनाओं में गंभीर लापरवाही बरतने पर ठेका एजेंसी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। निगम द्वारा मेसर्स अशोक कुमार मित्तल, कोरबा के साथ निष्पादित अनुबंध को कंडिका 1.15 के तहत समाप्त करते हुए कार्यादेश निरस्त कर दिया गया है।

7 साल में भी पूरा नहीं हुआ कार्य

नगर निगम दुर्ग अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के ए.एच.पी. घटक के तहत गोकुल नगर एवं गणपति विहार परियोजना में कुल 444 आवासों के निर्माण एवं बाह्य विकास कार्य हेतु वर्ष 2018 में एजेंसी को कार्यादेश जारी किया गया था। अनुबंध के अनुसार 18 माह में कार्य पूर्ण किया जाना था, किंतु लगभग 7 वर्ष बीत जाने के बावजूद कार्य अधूरा रहा।

13 नोटिस और समयवृद्धि के बाद भी नहीं सुधरी स्थिति

निगम अधिकारियों द्वारा समय-समय पर स्थल निरीक्षण कर निर्माण की धीमी प्रगति एवं कमियों को लेकर एजेंसी को कुल 13 नोटिस जारी किए गए। कई बार समयवृद्धि भी दी गई, परंतु अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। कोविड-19 महामारी के बाद भी भुगतान एवं निर्देश जारी रहने के बावजूद एजेंसी द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना की जाती रही।

हितग्राहियों को हो रही परेशानी

गोकुल नगर परियोजना: 336 आवासों में से 35 हितग्राहियों को आवंटन हो चुका है, लेकिन अधूरे निर्माण के कारण वे आवास ग्रहण करने व किश्त जमा करने में रुचि नहीं ले रहे।

गणपति विहार परियोजना: 108 आवास अभी भी अपूर्ण पाए गए हैं।

निगम द्वारा शेष कार्य एजेंसी की सुरक्षा निधि व धरोहर राशि से कराए जाने का प्रस्ताव है।

अंतिम निर्देशों की भी अनदेखी

फरवरी 2026 में विभागीय निरीक्षण उपरांत एजेंसी को एक माह में Internal Finishing, Electrification, Painting, Sanitary Work, Sumpwell एवं Septic Tank जैसे कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए थे, परंतु स्थल पर पर्याप्त श्रमिक तक नहीं लगाए गए।

अनुबंध समाप्त, धरोहर राशि राजसात

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा परियोजना को 30 सितंबर 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश हैं, लेकिन वर्तमान प्रगति को देखते हुए लक्ष्य प्राप्ति असंभव प्रतीत होने पर नगर पालिक निगम दुर्ग ने अनुबंध समाप्त कर दिया है।

इसके साथ ही:

एजेंसी की धरोहर एवं सुरक्षित राशि राजसात की गई है,

निगम की आगामी निविदाओं में भाग लेने से वंचित करने की कार्यवाही भी की गई है।

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि हितग्राहियों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और शेष कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।

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