नई दिल्ली / दुर्ग/ भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा आम जनता तक न्याय को सुलभ, सरल और सहभागी बनाने के लिए एक विशेष अभियान “समाधान समारोह, 2026” की शुरुआत की गई है। इस ऐतिहासिक पहल के समापन चरण में 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को देश की शीर्ष अदालत में एक विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग ने कमर कस ली है।
अवकाश में भी होगी काउंसलिंगजिला विधिक सेवा प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पक्षकारों की सुविधा के लिए इस बार ग्रीष्मकालीन अवकाश (Summer Vacation) के दौरान भी मीडियेटर/मध्यस्थ लगातार उपलब्ध रहेंगे। ताकि छुट्टियों के दिनों का उपयोग कर आपसी सहमति और संवाद के जरिए लंबित मामलों का सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।घर बैठे ‘वर्चुअल’ माध्यम से जुड़ने की सुविधाइस विशेष लोक अदालत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें पक्षकारों को दिल्ली आने की अनिवार्यता नहीं होगी।
आमजन और हितधारक अपनी सुविधानुसार प्रत्यक्ष (Physical) रूप से अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Virtual Mode) के माध्यम से जुड़कर अपने विवादों का निपटारा कर सकते हैं।आवेदन की अंतिम तिथि 31 मईइस अभियान का लाभ उठाने के लिए इच्छुक पक्षकार एवं अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट www.sci.gov.in पर जाकर निर्धारित गूगल फॉर्म (Google Form) के माध्यम से 31 मई 2026 तक अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।