राजनाथ सिंह की वियतनाम और दक्षिण कोरिया यात्रा, रक्षा सहयोग को मिलेगा नया आयाम

नई दिल्ली। केंद्रीय रक्षा मंत्री Rajnath Singh 18 से 21 मई 2026 तक वियतनाम और दक्षिण कोरिया की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के साथ सैन्य सहयोग, रक्षा औद्योगिक साझेदारी और समुद्री सहयोग को मजबूत करना है, ताकि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा दिया जा सके।

रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि यह यात्रा भारत के रणनीतिक संबंधों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

वियतनाम यात्रा (18–19 मई)

दौरे के पहले चरण में रक्षा मंत्री वियतनाम जाएंगे, जहां वे भारत और वियतनाम के बीच 10 वर्ष पूर्ण होने वाली व्यापक रणनीतिक साझेदारी के कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। हाल ही में दोनों देशों के संबंध “Enhanced Comprehensive Strategic Partnership” तक अपग्रेड किए गए हैं।

इस दौरान उनकी मुलाकात वियतनाम के रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग से होगी, जिसमें रक्षा सहयोग और भविष्य की रणनीतिक योजनाओं पर चर्चा की जाएगी। रक्षा मंत्री हो ची मिन्ह की 136वीं जयंती पर उनके समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगे।

दक्षिण कोरिया यात्रा (19–21 मई)

इसके बाद रक्षा मंत्री दक्षिण कोरिया का दौरा करेंगे, जहां वे दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री आहन ग्यु-बैक से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की समीक्षा और नई पहलों पर चर्चा होगी।

वे दक्षिण कोरिया की रक्षा खरीद एजेंसी DAPA के प्रमुख ली योंग-चोल से भी मुलाकात करेंगे और इंडिया-कोरिया बिजनेस राउंडटेबल की अध्यक्षता करेंगे।

दौरे के दौरान कोरियाई युद्ध में भारत की भूमिका को भी याद किया जाएगा। भारतीय सेना की 60 पैराशूट फील्ड एम्बुलेंस यूनिट ने युद्ध के दौरान दो लाख से अधिक मरीजों का इलाज किया था और हजारों सर्जरी की थीं।

21 मई को दक्षिण कोरिया में भारतीय युद्ध स्मारक का संयुक्त उद्घाटन किया जाएगा, जिसमें दक्षिण कोरिया के मंत्री क्वोन ओह-यूल भी शामिल होंगे।

यह दौरा भारत की “एक्ट ईस्ट पॉलिसी” और दक्षिण कोरिया की “इंडो-पैसिफिक रणनीति” के बीच सहयोग को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है।

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