नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, सटीक और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरावृति (एसआईआर फेज-3) कार्यक्रम शुरू किया है। यह अभियान चरणबद्ध तरीके से 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य फर्जी नाम हटाना, नए पात्र मतदाताओं को जोड़ना, मतदाता सूची की त्रुटियों को सुधारना तथा आगामी चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार मतदाता सूची सुनिश्चित करना है।
इस अभियान के तहत ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा। साथ ही मतदान केंद्रों का युक्तिकरण, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन, दावे एवं आपत्तियों की सुनवाई तथा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन भी किया जाएगा।
निर्वाचन आयोग के अनुसार नागालैंड और त्रिपुरा में एसआईआर की अर्हता तिथि 1 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। नागालैंड में तैयारी, प्रशिक्षण और प्रिंटिंग का कार्य 5 अगस्त से 14 अगस्त 2026 तक चलेगा। बीएलओ द्वारा घर-घर सर्वेक्षण 16 अगस्त से 14 सितंबर तक किया जाएगा, जबकि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 20 सितंबर 2026 को प्रकाशित होगी। दावे एवं आपत्तियां 20 सितंबर से 20 अक्टूबर तक स्वीकार किए जाएंगे और अंतिम मतदाता सूची 22 नवंबर 2026 को जारी की जाएगी।
त्रिपुरा में यह प्रक्रिया 5 सितंबर 2026 से शुरू होगी। यहां बीएलओ द्वारा घर-घर सर्वेक्षण 15 सितंबर से 14 अक्टूबर तक किया जाएगा। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 21 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित होगी तथा अंतिम मतदाता सूची 23 दिसंबर 2026 को जारी की जाएगी।
आयोग ने बताया कि ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में अर्हता तिथि 1 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। वहीं दादरा एवं नगर हवेली-दमन एवं दीव, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी जुलाई 2026 से प्रक्रिया शुरू होगी। तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली में अर्हता तिथि 1 अक्टूबर 2026 रखी गई है।
निर्वाचन आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियान को पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए। आयोग का मानना है कि इस विशेष अभियान से मतदाता सूची की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।