नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत और अमेरिका स्वाभाविक साझेदार के रूप में कार्य कर रहे हैं तथा दोनों देशों के बीच सहयोग, विश्वास और साझा आर्थिक हित लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी, रक्षा, डिजिटल डेटा सेंटर, क्वांटम कंप्यूटिंग और चिकित्सा उपकरण जैसे क्षेत्रों में दोनों देश एक-दूसरे के पूरक हैं।
नई दिल्ली में आयोजित अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के वार्षिक लीडरशिप समिट को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने बताया कि पिछले छह महीनों में अमेरिकी उद्योगों से 60 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश प्राप्त हुआ है। इसमें Amazon और Google जैसी कंपनियों द्वारा किए गए बड़े डेटा सेंटर निवेश भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक कंपनियों को विश्वसनीय ढांचा, विशाल बाजार, प्रतिभाशाली मानव संसाधन और व्यापक अवसर प्रदान कर रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वैश्विक संकटों के बावजूद भारत एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में उभरा है। अमेरिका ऐसे देशों की तलाश में है जो समय पर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध करा सकें और भारत ने यह क्षमता साबित की है। उन्होंने कहा कि भारत बौद्धिक संपदा अधिकारों का सम्मान करते हुए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में विश्वसनीय भागीदार बन चुका है।
पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार एमएसएमई के तकनीकी उन्नयन और कौशल विकास पर विशेष जोर दे रही है। प्रस्तावित निर्यात प्रोत्साहन मिशन के माध्यम से लघु एवं मध्यम उद्यमों को वैश्विक प्रमाणपत्र हासिल करने में सहायता दी जाएगी, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं का हिस्सा बन सकें।
उन्होंने विश्वास जताया कि भारत अगले 25 वर्षों तक दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा। बेहतर बुनियादी ढांचा, कम लॉजिस्टिक्स लागत और मुक्त व्यापार समझौते निवेश एवं विनिर्माण वृद्धि को नई गति दे रहे हैं। सरकार देशभर में 100 नए औद्योगिक पार्क विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है, जहां श्रमिक आवास और सामाजिक सुविधाओं को भी शामिल किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि भारत अब केवल असेंबली आधारित मॉडल तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजाइन, नवाचार और बौद्धिक संपदा सृजन का वैश्विक केंद्र बनता जा रहा है। कोविड महामारी के बाद वैश्विक कंपनियां विदेशों में प्रतिभाएं भेजने के बजाय भारत में ही ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने को प्राथमिकता दे रही हैं।
डिजिटल और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश ने दुनिया का सबसे तेज 5जी रोलआउट किया है और यहां डेटा की लागत भी सबसे कम है। भारत की सौर ऊर्जा क्षमता 2 गीगावाट से बढ़कर 150 गीगावाट से अधिक हो चुकी है, जिससे देश डेटा सेंटर और उन्नत विनिर्माण के लिए आकर्षक गंतव्य बन रहा है।
पीयूष गोयल ने पीएम गति शक्ति योजना को अवसंरचना विकास में क्रांतिकारी पहल बताते हुए कहा कि इससे राजमार्ग, रेलवे, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं की योजना अधिक कुशल और लागत प्रभावी हुई है।
उन्होंने कहा कि सरकार विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के साथ दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है। वित्तीय समावेशन, आवास, जल उपलब्धता और व्यापार सुगमता जैसे क्षेत्रों में मापनीय लक्ष्यों के जरिए भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। मंत्री ने उद्योग जगत और निवेशकों से भारत की दीर्घकालिक क्षमता पर भरोसा जताने और देश की विकास यात्रा का हिस्सा बनने का आह्वान किया।