नई दिल्ली | अंतरिक्ष से ली गई हालिया तस्वीरों में पृथ्वी एक चमकदार नारंगी रोशनी में नहाई हुई दिखाई दे रही है। यह रहस्यमयी चमक ‘एयरग्लो’ कहलाती है, जो पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल में लगातार होने वाली एक प्राकृतिक घटना है।
13 अप्रैल 2026 को नासा के अंतरिक्ष यात्री क्रिस विलियम्स ने स्पेसएक्स ड्रैगन यान से यह खूबसूरत दृश्य कैद किया, जिसमें एयरग्लो के ऊपर मिल्की वे गैलेक्सी भी स्पष्ट नजर आ रही थी। नासा ने इस तस्वीर को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पर साझा किया, जिससे यह घटना एक बार फिर चर्चा में आ गई।
वैज्ञानिकों के अनुसार, एयरग्लो तब बनता है जब सूर्य से आने वाली किरणें पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल में मौजूद अणुओं और परमाणुओं से टकराती हैं। इस टकराव से ये कण ऊर्जा ग्रहण कर उत्तेजित हो जाते हैं और बाद में अपनी सामान्य अवस्था में लौटते समय प्रकाश उत्सर्जित करते हैं। यही हल्की चमक एयरग्लो कहलाती है।
यह चमक लाल, हरे, पीले और बैंगनी रंगों में दिखाई दे सकती है, लेकिन इतनी मंद होती है कि इसे सामान्य आंखों से देख पाना मुश्किल होता है। इसे स्पष्ट रूप से अंतरिक्ष से या अत्यंत अंधेरे स्थानों पर संवेदनशील कैमरों की मदद से ही देखा जा सकता है।
एयरग्लो सिर्फ एक सुंदर दृश्य नहीं है, बल्कि वैज्ञानिकों के लिए यह महत्वपूर्ण डेटा का स्रोत भी है। इससे ऊपरी वायुमंडल के तापमान, घनत्व, गैसों की संरचना और हवाओं की गति का अध्ययन किया जाता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि एयरग्लो और ऑरोरा को अक्सर एक जैसा समझ लिया जाता है, लेकिन दोनों में बड़ा अंतर है। ऑरोरा तब बनता है जब सूर्य से आने वाले उच्च-ऊर्जा कण पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से टकराते हैं, जबकि एयरग्लो सामान्य सौर विकिरण और वायुमंडलीय प्रक्रियाओं का परिणाम होता है।
इस तरह पृथ्वी का आसमान हर रात एक अदृश्य लेकिन निरंतर चलने वाले प्रकाश शो का गवाह बनता है, जिसे वैज्ञानिक ‘एयरग्लो’ कहते हैं।