बिजली बिल भुगतान योजना में संशोधन, पंजीयन शुल्क हुआ आधा

रायपुर। प्रदेश में मुख्यमंत्री बिजली बिल बकाया भुगतान समाधान योजना के तहत बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को राहत मिल रही है। करीब नौ लाख बकायेदार उपभोक्ताओं में से अब तक लगभग साढ़े सात लाख उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ लेकर अपने बकाया बिल का समाधान कर लिया है।

पंजीयन शुल्क में कमी

पहले इस योजना के तहत 10 प्रतिशत पंजीयन शुल्क निर्धारित था, जिसे अब घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। राज्य सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को योजना से जोड़कर बकाया बिजली बिल का निपटारा करना है। योजना 30 जून तक लागू रहेगी।

हजारों करोड़ का बकाया

प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं पर तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। इसमें 31 मार्च 2023 से पहले का लगभग 1,500 करोड़ रुपये का बकाया शामिल है। योजना के तहत सरचार्ज की राशि पूरी तरह माफ की जा रही है, जो लगभग 758 करोड़ रुपये है।

अंबिकापुर सबसे आगे

योजना के क्रियान्वयन में अंबिकापुर रीजन पहले स्थान पर है, जहां 3,06,171 बकायेदारों में से करीब पौने तीन लाख उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। इसके बाद बिलासपुर और रायपुर रीजन का स्थान है, जहां भी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया है।

किस्तों में भुगतान की सुविधा

सामान्य वर्ग के उपभोक्ताओं को एकमुश्त भुगतान पर 10 प्रतिशत, तीन किस्तों में 5 प्रतिशत और छह किस्तों में भुगतान पर कोई छूट नहीं दी जा रही है।

बीपीएल उपभोक्ताओं को विशेष राहत

बीपीएल वर्ग के उपभोक्ताओं को इस योजना में विशेष छूट दी जा रही है। 31 मार्च 2023 से पहले जिनका कनेक्शन कट चुका है, उन्हें मूल राशि में 75 प्रतिशत तक की छूट और पूरा सरचार्ज माफ किया जा रहा है। वहीं, पांच साल से अधिक पुराने बकाए पर भी 75 प्रतिशत और एक से पांच साल पुराने बकाए पर 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।

वितरण कंपनी के एमडी भीम सिंह कंवर ने बताया कि पंजीयन शुल्क घटाकर योजना को और अधिक उपभोक्ता-अनुकूल बनाया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

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