दुर्ग/ 02 जून। नगर पालिक निगम दुर्ग सीमा क्षेत्र अंतर्गत आगामी 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर महापौर अलका बाघमार,आयुक्त सुमित अग्रवाल एवं पर्यावरण प्रभारी काशीराम कोसरे ने शहरवासियों से पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल शासन या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। यदि हम आज प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझेंगे तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण प्रदान कर सकेंगे।
महापौर, आयुक्त एवं पर्यावरण प्रभारी ने नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का उपयोग पूर्णतः बंद करने, जल एवं ऊर्जा संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने तथा स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की छोटी-छोटी आदतें भी समाज और प्रकृति के लिए बड़ा परिवर्तन ला सकती हैं।
महापौर अलका बाघमार ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का स्मरण कराने का अवसर है। आज बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण पर्यावरण असंतुलन की स्थिति निर्मित हो रही है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आना होगा। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ अथवा अन्य विशेष अवसरों पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसके वृक्ष बनने तक उसकी नियमित देखभाल करें। एक पौधा न केवल पर्यावरण को शुद्ध करता है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन का आधार भी बनता है।
आयुक्त सुमित अग्रवाल ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। गर्मी के मौसम में जल संकट की स्थिति को देखते हुए सभी नागरिकों को पानी की बर्बादी रोकने का संकल्प लेना चाहिए। नलों का उपयोग आवश्यकता अनुसार करें, रिसाव को तत्काल ठीक कराएं तथा वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा भी वर्षा जल संरक्षण, स्वच्छता और हरित क्षेत्र विस्तार के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। नागरिकों की सहभागिता से इन प्रयासों को और अधिक सफल बनाया जा सकता है।
पर्यावरण प्रभारी काशीराम कोसरे ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत घर से होती है। घरों और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखना, कचरे को निर्धारित डस्टबिन में डालना, गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखना तथा प्लास्टिक के स्थान पर कपड़े या जूट के थैलों का उपयोग करना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करे तो दुर्ग शहर को स्वच्छ, सुंदर और हरित शहर के रूप में स्थापित किया जा सकता है।
नगर निगम दुर्ग ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सभी नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने तथा “एक नागरिक-एक पौधा” अभियान से जुड़कर हरित दुर्ग के निर्माण में सहभागी बनने की अपील की है। निगम प्रशासन ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण ही स्वस्थ जीवन का आधार है और इसके संरक्षण के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।